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डबवाली में 70 करोड़ से बदलेगा बिजली ढांचा, 1.93 लाख उपभोक्ताओं को मिलेगा फायदा

डबवाली डिविजन में बिजली व्यवस्था को मजबूत करने के लिए आरडीएसएस के तहत करीब 70 करोड़ रुपये का काम तेजी से चल रहा है। जर्जर पोल, पुरानी तारें और एचटी-एलटी लाइनें बदली जा रही हैं। परियोजना पूरी होने के बाद लाइन लॉस, ओवरलोडिंग और बार-बार बिजली फॉल्ट जैसी समस्याओं में कमी आने की उम्मीद है।

70 करोड़ रुपये से होगा बिजली नेटवर्क का कायाकल्प

दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम (DHBVN) की डबवाली डिविजन में रिवैंपड डिस्ट्रीब्यूशन सेक्टर स्कीम (RDSS) के तहत बिजली ढांचे को आधुनिक बनाने का काम चल रहा है। करीब 70 करोड़ रुपये की लागत वाली इस परियोजना में पुराने और जर्जर बिजली नेटवर्क को बदला जा रहा है।

इसका लाभ डबवाली डिविजन के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले करीब 1.93 लाख बिजली उपभोक्ताओं को मिलने की उम्मीद है।

1500 किलोमीटर तारें और 15 हजार नए पोल

परियोजना के तहत डबवाली डिविजन में लगभग 1500 किलोमीटर पुरानी बिजली तारों को बदला जाएगा। इसके अलावा करीब 15 हजार नए बिजली पोल लगाए जाने हैं।

पुरानी एचटी और एलटी लाइनों को बदलने के साथ फीडरों का बाइफर्केशन भी किया जा रहा है। इससे बिजली वितरण नेटवर्क पर दबाव कम करने और आपूर्ति व्यवस्था को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी।

ओवरलोडिंग और लाइन लॉस पर होगा फोकस

बिजली निगम के मुताबिक, जर्जर पोल और पुरानी तारों के कारण कई इलाकों में ओवरलोडिंग और फॉल्ट की समस्या सामने आती है। आरडीएसएस परियोजना में ऐसे क्षेत्रों को प्राथमिकता दी जा रही है।

नए पोल और केबल बिछने से लाइन लॉस कम करने, फ्यूज उड़ने की समस्या घटाने और बिजली हादसों के जोखिम को कम करने में मदद मिलने की उम्मीद है।

डबवाली में 70 करोड़ से बदलेगा बिजली ढांचा, 1.93 लाख उपभोक्ताओं को मिलेगा फायदा

पांच सब-डिविजन में करीब 25 टीमें कर रहीं काम

डबवाली डिविजन के कालांवाली, डबवाली, रोड़ी, चौटाला और बिज्जूवाला सब-डिविजन में करीब 25 टीमें अलग-अलग क्षेत्रों में काम कर रही हैं।

कालांवाली क्षेत्र के शहर और गांव के अलावा तारूआना, तिलोकेवाला, माखा, असीर, हस्सू, चट्ठा, ओढ़ां, खोखर, देसूमलकाना, दादू, लक्कड़वाली, चोरमार खेड़ा, पिपली और रामपुरा ढाणी में भी काम जारी है।

कालांवाली में 150 पोल और 40 किलोमीटर तार का काम

कालांवाली शहर और आसपास के गांवों में परियोजना के तहत अब तक करीब 150 नए पोल लगाए जा चुके हैं। वहीं लगभग 40 किलोमीटर नई बिजली तार भी बिछाई जा चुकी है।

निर्माण एजेंसी गावड़ कंस्ट्रक्शन लिमिटेड की ओर से काम कराया जा रहा है। धान के सीजन और गर्मी के दौरान बिजली आपूर्ति प्रभावित न हो, इसलिए काम की गति को पहले नियंत्रित रखा गया था। अब परियोजना के काम में तेजी लाई गई है।

मार्च 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य

DHBVN डबवाली के कार्यकारी अभियंता अनुज कुमार के मुताबिक, ओवरलोड क्षेत्रों में जर्जर खंभों और तारों को प्राथमिकता से बदला जा रहा है। उन्होंने बताया कि मार्च 2027 तक परियोजना पूरी करने का लक्ष्य रखा गया है।

परियोजना पूरी होने के बाद निगम को उम्मीद है कि डबवाली डिविजन में बिजली आपूर्ति की गुणवत्ता और नेटवर्क की क्षमता में सुधार होगा।

डबवाली डिविजन में चल रही आरडीएसएस परियोजना पुराने बिजली ढांचे को बदलने की दिशा में बड़ा काम है। 15 हजार नए पोल और 1500 किलोमीटर तार बदलने के बाद बिजली नेटवर्क की क्षमता बढ़ने के साथ फॉल्ट और ओवरलोडिंग जैसी समस्याओं में कमी आने की उम्मीद है।

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