Punjab Police Fact Check: ASI हरजीत सिंह हत्याकांड के बाद वायरल ‘वर्दी न पहनने’ वाली चिट्ठी फर्जी

अमृतसर में ASI हरजीत सिंह की हत्या के बाद पुलिसकर्मियों की सुरक्षा को लेकर सोशल मीडिया पर एक कथित एडवाइजरी वायरल हुई। इसमें सीमा से लगे जिलों के पुलिसकर्मियों को ड्यूटी पर आते-जाते वर्दी नहीं पहनने का दावा किया गया। पंजाब पुलिस ने अब इस दावे को गलत बताया है।
ASI की हत्या के बाद वायरल हुआ दावा
अमृतसर में ASI हरजीत सिंह की हत्या ने पंजाब पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ा दी। 18 सितंबर की रात ड्यूटी से लौटते समय भगतांवाला अनाज मंडी के पास बाइक सवार हमलावरों ने उन पर गोली चलाई। अस्पताल ले जाने के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। हरजीत सिंह तरनतारन के रहने वाले थे और अमृतसर के गेट हकीमा क्षेत्र में पुलिस कंट्रोल रूम से जुड़े थे।

वायरल चिट्ठी में क्या लिखा था?
सोशल मीडिया पर वायरल कथित पत्र में दावा किया गया कि पाकिस्तान सीमा से लगे जिलों के पुलिसकर्मियों को सुरक्षा के लिहाज से घर से ड्यूटी जाते और लौटते समय वर्दी नहीं पहनने को कहा गया है।
दावे में यह भी कहा गया कि निजी यात्रा के दौरान पुलिसकर्मी अपनी पहचान जाहिर करने वाले चिह्न या वस्तुएं साथ न रखें। साथ ही आवाजाही का रूट और समय ऐसा रखने की सलाह दी गई, जिससे उनकी गतिविधियों की जानकारी अनधिकृत लोगों तक न पहुंचे।
पंजाब पुलिस ने एडवाइजरी को बताया फर्जी
पंजाब पुलिस के फैक्ट चेक के मुताबिक, पुलिस मुख्यालय या उसके अधीन किसी कार्यालय ने ऐसी कोई एडवाइजरी जारी नहीं की है। पुलिस ने खास तौर पर उन दावों का खंडन किया है, जिनमें ड्यूटी पर जाते या लौटते समय यूनिफॉर्म नहीं पहनने की बात कही गई थी।
पुलिस ने सोशल मीडिया पर फैल रहे ऐसे संदेशों को फर्जी बताया और लोगों से केवल आधिकारिक माध्यमों से मिली जानकारी पर भरोसा करने की अपील की है।
हत्याकांड में एक आरोपी मारा गया
ASI हरजीत सिंह की हत्या के बाद पुलिस ने CCTV फुटेज, तकनीकी इनपुट और अन्य सुरागों के आधार पर संदिग्धों की पहचान करने की कार्रवाई की। पुलिस के अनुसार, हत्या के मामले में संदिग्ध दीपक सिंह को अमृतसर में एक पुलिस मुठभेड़ के दौरान गोली लगी और उसकी मौत हो गई। दूसरा संदिग्ध मौके से भाग निकला, जिसकी तलाश जारी है।
पाकिस्तान कनेक्शन पर पुलिस का दावा
अमृतसर पुलिस कमिश्नर हरमनबीर सिंह गिल के अनुसार, जांच में विदेश से काम कर रहे एक कथित पाकिस्तान-आधारित हैंडलर की भूमिका सामने आई है। पुलिस का दावा है कि उसने आरोपियों को पैसे और नशे के कारोबार में भूमिका का लालच दिया था। हालांकि, मामले की जांच अभी जारी है और इन दावों से जुड़े साक्ष्यों को जांच एजेंसियां आगे परख रही हैं।
इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, मारे गए संदिग्ध के परिवार ने पाकिस्तान स्थित हैंडलर से उसके संबंध होने के पुलिस के दावे पर सवाल उठाए हैं। इसलिए इस कनेक्शन को फिलहाल पुलिस जांच के दावे के रूप में ही देखा जाना चाहिए।
वायरल दावे से सबक क्या?
ASI की हत्या जैसी गंभीर घटना के बाद सुरक्षा को लेकर तरह-तरह की सूचनाएं तेजी से फैल सकती हैं। ऐसे में किसी कथित सरकारी पत्र को सही मानने से पहले उसके आधिकारिक स्रोत की पुष्टि जरूरी है। इस मामले में पंजाब पुलिस ने साफ किया है कि पुलिसकर्मियों को वर्दी छोड़कर आने-जाने का कोई ऐसा निर्देश जारी नहीं किया गया।
ASI हरजीत सिंह की हत्या के बाद वायरल हुई कथित ‘वर्दी न पहनने’ वाली एडवाइजरी को पंजाब पुलिस ने फर्जी बताया है। वहीं हत्याकांड में एक संदिग्ध की मुठभेड़ में मौत और दूसरे की तलाश के बीच कथित पाकिस्तान कनेक्शन की जांच जारी है। ऐसे संवेदनशील मामलों में आधिकारिक जानकारी और जांच के निष्कर्ष का इंतजार करना जरूरी है।
