Noida News: डूब क्षेत्र में बिजली कनेक्शन की मांग को लेकर 15वें दिन भी धरना, 5 महिलाओं की तबीयत बिगड़ी

नोएडा के डूब क्षेत्र की कॉलोनियों में बिजली कनेक्शन की मांग को लेकर भारतीय किसान परिषद का धरना 15वें दिन भी जारी रहा। आमरण अनशन पर बैठे 35 लोगों में पांच महिलाओं की तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। प्रदर्शनकारी लिखित आश्वासन मिलने तक आंदोलन जारी रखने पर अड़े हैं।
15वें दिन भी जारी रहा धरना
नोएडा के डूब क्षेत्र की कॉलोनियों में बिजली कनेक्शन की मांग को लेकर भारतीय किसान परिषद के बैनर तले चल रहा आंदोलन सोमवार को 15वें दिन भी जारी रहा। बिजली की मांग को लेकर शुरू हुआ यह प्रदर्शन अब आमरण अनशन तक पहुंच गया है।
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि क्षेत्र में बड़ी संख्या में परिवार रह रहे हैं, लेकिन उन्हें अभी तक नियमित बिजली कनेक्शन की सुविधा नहीं मिल सकी है।
आमरण अनशन पर बैठे 35 लोग
आंदोलन के तहत कुल 35 लोग आमरण अनशन पर बैठे हैं। इनमें शामिल पांच महिलाओं की तबीयत सोमवार को बिगड़ गई। धरना स्थल पर प्राथमिक उपचार देने के बाद भी जब उनकी हालत में सुधार नहीं हुआ तो उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया।
महिलाओं के अस्पताल में भर्ती होने के बावजूद प्रदर्शनकारियों ने आंदोलन समाप्त करने से इनकार कर दिया है। उनका कहना है कि सरकार और प्रशासन की ओर से बिजली कनेक्शन के मुद्दे पर लिखित आश्वासन मिलने के बाद ही धरना खत्म करने पर विचार किया जाएगा।

42 कॉलोनियों में बिजली कनेक्शन का मुद्दा
भारतीय किसान परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुखवीर खलीफा के मुताबिक, डूब क्षेत्र की करीब 42 कॉलोनियों में बिजली कनेक्शन का मुद्दा बना हुआ है।
उनका कहना है कि छिजारसी और चोटपुर कॉलोनी में बिजली का बुनियादी ढांचा पहले से मौजूद है, इसलिए वहां कनेक्शन देने की प्रक्रिया आगे बढ़ी है। वहीं दूसरी कई कॉलोनियों में बिजली पहुंचाने के लिए नए बिजली के पोल और तार लगाने की जरूरत है।
प्रदर्शनकारियों का सवाल है कि जब इन इलाकों में हजारों लोग रह रहे हैं तो उन्हें बिजली जैसी बुनियादी सुविधा क्यों नहीं मिल पा रही है।
300 से ज्यादा घरों में कनेक्शन देने का दावा
दूसरी ओर, विद्युत निगम की ओर से डूब क्षेत्र में बिजली कनेक्शन देने की प्रक्रिया शुरू किए जाने की बात कही गई है। अब तक 300 से अधिक उपभोक्ताओं को कनेक्शन दिए जाने का दावा किया गया है।
इसके साथ ही अस्थायी स्मार्ट प्रीपेड मीटर के माध्यम से बिजली उपलब्ध कराने की प्रक्रिया भी चल रही है।
हालांकि, स्थानीय लोगों का कहना है कि मीटर लगने के बाद भी कई इलाकों में नियमित बिजली आपूर्ति नहीं हो रही है। उनका आरोप है कि कुछ स्थानों पर दिन में सीमित घंटों तक ही बिजली मिल रही है। विद्युत निगम के अधिकारियों ने आपूर्ति से जुड़ी शिकायतों को दूर करने की बात कही है।
बातचीत के बाद भी नहीं बनी सहमति
पिछले दिनों विद्युत निगम के अधिकारियों और प्रदर्शनकारियों के बीच बातचीत भी हुई थी। हालांकि, आंदोलनकारियों के मुताबिक बातचीत के बावजूद उन्हें ऐसा लिखित आश्वासन नहीं मिला, जिसके आधार पर आंदोलन समाप्त किया जा सके।
यही वजह है कि प्रदर्शनकारी अभी भी अपनी मांग पर कायम हैं और आमरण अनशन जारी है।
लिखित आश्वासन तक आंदोलन जारी रखने का ऐलान
सुखवीर खलीफा ने कहा है कि जब तक बिजली कनेक्शन को लेकर लिखित आश्वासन नहीं मिलता, तब तक धरना और आमरण अनशन जारी रहेगा।
पांच महिलाओं के अस्पताल में भर्ती होने के बाद आंदोलन को लेकर प्रशासन पर दबाव बढ़ गया है। अब पूरे मामले में प्रशासन और विद्युत निगम के सामने प्रदर्शनकारियों के साथ बातचीत कर बिजली कनेक्शन से जुड़ी मांगों का समाधान निकालने की चुनौती है।
