
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंत्रिमंडल विस्तार के बाद बुधवार को सभी नए और पुराने मंत्रियों की पहली अहम बैठक बुलाई है। यह बैठक शाम पांच बजे मुख्यमंत्री आवास पांच कालिदास मार्ग पर आयोजित होगी। प्रशासनिक हलकों में इसे बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि इसमें सरकार की आने वाली प्राथमिकताओं और रणनीति पर विस्तृत चर्चा होने की संभावना है।
विभाग बंटवारे और नई प्रशासनिक दिशा पर नजर
सूत्रों के अनुसार, इस बैठक में मंत्रियों के विभागों का बंटवारा भी लगभग तय किया जा सकता है। सरकार का लक्ष्य है कि नए मंत्रिमंडल को स्पष्ट जिम्मेदारियों के साथ सक्रिय किया जाए ताकि प्रशासनिक कार्यों में तेजी लाई जा सके। वैश्विक परिस्थितियों और घरेलू प्रशासनिक जरूरतों को देखते हुए यह बैठक नीति निर्धारण के लिहाज से भी अहम मानी जा रही है।

ईंधन बचत और काफिले में कटौती का सख्त निर्देश
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हालिया आह्वान के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी अपने मंत्रियों को सख्त निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने मंत्रियों के काफिले में वाहनों की संख्या आधी करने, ईंधन खपत कम करने और मेट्रो, पीएनजी तथा सार्वजनिक परिवहन के अधिक उपयोग पर जोर दिया है। इसके साथ ही सरकारी बैठकों और कॉन्फ्रेंस को वर्चुअल मोड में करने की सलाह भी दी गई है, जिससे संसाधनों की बचत सुनिश्चित की जा सके।
चुनावी रणनीति और विकास कार्यों पर फोकस
बैठक में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मंत्रियों को जनता के बीच सक्रिय रहने और विकास कार्यों को तेजी से आगे बढ़ाने के निर्देश भी दे सकते हैं। सरकार का फोकस अब आगामी चुनावों को ध्यान में रखते हुए जमीनी स्तर पर प्रशासनिक पकड़ मजबूत करने पर है। मंत्रिमंडल में मुख्यमंत्री सहित दो उपमुख्यमंत्री और अधिकतम 60 मंत्री शामिल हैं, जिनकी भूमिका आने वाले समय में राज्य की राजनीतिक और प्रशासनिक दिशा तय करने में अहम होगी।
