
पंजाब के मानसा की एक स्थानीय अदालत ने मुख्यमंत्री भगवंत मान को कड़ी चेतावनी जारी करते हुए अगली सुनवाई में व्यक्तिगत रूप से पेश होने का निर्देश दिया है। अदालत ने साफ कहा है कि यदि वे अगली तारीख पर उपस्थित नहीं होते हैं तो उनकी जमानत रद्द की जा सकती है। यह आदेश अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट राजिंदर सिंह नागपाल की अदालत ने ‘नज़र सिंह मानशाहिया बनाम भगवंत मान और अन्य’ मामले की सुनवाई के दौरान दिया। इस सख्त रुख के बाद राजनीतिक और कानूनी हलकों में हलचल तेज हो गई है।
बार बार अनुपस्थिति पर अदालत की नाराजगी कार्यवाही में आई बाधा
अदालत ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि भगवंत मान 20 अक्टूबर 2022 के बाद से एक बार भी व्यक्तिगत रूप से पेश नहीं हुए हैं जिससे मामले की सुनवाई प्रभावित हुई है। इस दौरान उन्होंने कई बार व्यक्तिगत उपस्थिति से छूट मांगी और हाल ही में चंडीगढ़ में एक अहम बैठक का हवाला देते हुए पेश होने से राहत मांगी थी। अदालत ने इस आधार को अपर्याप्त बताते हुए उनकी अर्जी पर नाराजगी जताई और कहा कि इस तरह की बार बार छूट मांगना न्यायिक प्रक्रिया में बाधा डालता है।

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग की अर्जी भी खारिज अदालत ने बताया लापरवाह रवैया
पिछली सुनवाई में भगवंत मान की ओर से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पेश होने की अर्जी भी दाखिल की गई थी जिसे अदालत ने पहले ही खारिज कर दिया था। इसके बावजूद उन्होंने दोबारा इसी तरह की छूट की अर्जी दाखिल की जिसे अदालत ने उनके रवैये को लापरवाहीपूर्ण बताया। अदालत ने टिप्पणी की कि इस तरह का व्यवहार न्यायालय की कार्यवाही के प्रति गंभीरता की कमी को दर्शाता है। हालांकि उस दिन के लिए अदालत ने एक बार फिर छूट दे दी लेकिन इसके साथ ही स्पष्ट चेतावनी भी जारी कर दी।
अगली सुनवाई में पेशी अनिवार्य नहीं तो जमानत रद्द होने का खतरा
अदालत ने भगवंत मान के वकील को निर्देश दिया है कि वे अगली सुनवाई में उनकी उपस्थिति सुनिश्चित करें। यदि ऐसा नहीं होता है तो अदालत सख्त कदम उठाते हुए उनकी जमानत रद्द कर सकती है और उन्हें अदालत में पेश कराने के लिए कड़े आदेश जारी कर सकती है। इस मामले में अन्य सह आरोपियों का भी जिक्र किया गया जिनमें कुछ को पहले ही उच्च न्यायालय से राहत मिल चुकी है। साथ ही BNSS 2023 की धारा 273 के तहत दायर आवेदन पर जवाब दाखिल करने की समय सीमा 1 मई 2026 तय की गई है। अब सभी की नजर अगली सुनवाई पर टिकी है जहां इस मामले में बड़ा फैसला सामने आ सकता है।
