
हरियाणा के अंबाला नगर निगम चुनाव 2026 में एक बड़ा राजनीतिक उलटफेर सामने आया है। वार्ड नंबर 5 से कांग्रेस के उम्मीदवार अमन उप्पल ने अपना नामांकन वापस लेकर भारतीय जनता पार्टी उम्मीदवार को समर्थन दे दिया है। इस घटनाक्रम ने चुनावी माहौल को पूरी तरह बदल दिया है और स्थानीय राजनीति में नई हलचल पैदा कर दी है। यह फैसला ऐसे समय में आया है जब चुनावी मुकाबला बेहद कड़ा माना जा रहा था।
BJP में शामिल होकर राजेश मेहता को दिया समर्थन
अमन उप्पल ने न सिर्फ नामांकन वापस लिया बल्कि बीजेपी में शामिल होकर वार्ड से उम्मीदवार राजेश मेहता को खुला समर्थन भी दे दिया। इस मौके पर बीजेपी नेता असीम गोयल की मौजूदगी में उन्हें पार्टी में शामिल किया गया। बीजेपी जिलाध्यक्ष मनदीप राणा ने भी उनका स्वागत करते हुए कहा कि पार्टी उन्हें पूरा सम्मान देगी। इस घटनाक्रम से वार्ड नंबर 5 में बीजेपी की स्थिति और मजबूत होती नजर आ रही है।

कांग्रेस नेता पर दबाव बनाने के आरोप से बढ़ा सियासी विवाद
अमन उप्पल ने कांग्रेस छोड़ने के पीछे गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि अंबाला शहर के विधायक निर्मल सिंह ने उन पर एक आजाद उम्मीदवार के पक्ष में नामांकन वापस लेने का दबाव बनाया था। उनके परिवार ने भी विधायक पर पीठ में छुरा घोंपने जैसे आरोप लगाए हैं। हालांकि निर्मल सिंह ने इन आरोपों को पूरी तरह बेबुनियाद बताया और कहा कि अमन उप्पल ने बीजेपी के दबाव में यह फैसला लिया है। इस बयानबाजी ने पूरे मामले को और अधिक विवादित बना दिया है।
वार्ड 5 की राजनीति में नया समीकरण BJP को मिल सकता है फायदा
इस पूरे घटनाक्रम के बाद वार्ड नंबर 5 की राजनीतिक तस्वीर पूरी तरह बदल गई है। बीजेपी उम्मीदवार राजेश मेहता ने कहा कि अब वे और अमन उप्पल मिलकर क्षेत्र के विकास के लिए काम करेंगे। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इस बदलाव से बीजेपी को सीधा फायदा मिल सकता है और चुनाव परिणाम पर इसका असर पड़ सकता है। वहीं कांग्रेस के लिए यह घटना बड़ा झटका मानी जा रही है जो चुनाव से पहले संगठनात्मक मजबूती पर सवाल खड़े कर रही है।
