राज्यराजनीति

किशोरी मौत पर बड़ा विवाद पुलिस और नेताओं के दावों में उलझा सच

गाजीपुर जिले के कटरिया गांव में विश्वकर्मा समुदाय की नाबालिग लड़की की मौत का मामला अब केवल स्थानीय घटना नहीं रह गया है, बल्कि यह प्रदेश और राष्ट्रीय राजनीति का बड़ा मुद्दा बन चुका है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने इस घटना को लेकर गंभीर आरोप लगाते हुए प्रदेश की कानून व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। वहीं समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने भी इस मामले में सक्रियता दिखाते हुए 29 अप्रैल को पीड़ित परिवार से मिलने की घोषणा की है, जिससे राजनीतिक तापमान और बढ़ गया है।

आत्महत्या की सूचना और पोस्टमार्टम रिपोर्ट में बड़ा खुलासा

गाजीपुर पुलिस ने इस पूरे मामले पर अपनी स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा है कि घटना को लेकर तथ्यों को तोड़-मरोड़कर पेश नहीं किया जाना चाहिए। पुलिस के अनुसार 15 अप्रैल को पिता ने डायल 112 पर सूचना दी थी कि उनकी बेटी ने पुल से गंगा में कूदकर आत्महत्या कर ली है। पुलिस ने यह भी बताया कि पिता की तहरीर में दुष्कर्म का कोई उल्लेख नहीं था। इसके अलावा पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी दुष्कर्म या किसी प्रकार की बाहरी चोट की पुष्टि नहीं हुई है, जिससे मामला और अधिक जटिल हो गया है।

किशोरी मौत पर बड़ा विवाद पुलिस और नेताओं के दावों में उलझा सच

राजनीतिक दलों की सक्रियता से बढ़ा विवाद 

इस घटना को लेकर राजनीतिक दलों की सक्रियता ने मामले को और संवेदनशील बना दिया है। 22 अप्रैल को सपा प्रतिनिधिमंडल के गांव पहुंचने पर विवाद की स्थिति उत्पन्न हो गई थी। उस दौरान सपा की ओर से दुष्कर्म और हत्या के आरोपों का जिक्र करने वाले पत्र को लेकर ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया था, जिसके बाद दोनों पक्षों के बीच पथराव हुआ और 10 से अधिक लोग घायल हो गए थे। अब अखिलेश यादव की प्रस्तावित 29 अप्रैल की यात्रा को लेकर भी क्षेत्र में तनावपूर्ण माहौल देखा जा रहा है।

प्रशासन की सख्ती और परिवार की अपील से बढ़ी संवेदनशीलता

स्थिति को नियंत्रित करने के लिए वाराणसी जोन के एडीजी पीयूष मोर्डिया और डीआईजी वैभव कृष्ण गाजीपुर में कैंप कर रहे हैं। वहीं भाजपा की राज्यसभा सांसद संगीता बलवंत ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर अखिलेश यादव की संभावित यात्रा पर रोक लगाने की मांग की है, ताकि क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनी रहे। दूसरी ओर मृतका के पिता ने पुलिस कार्रवाई पर संतोष जताते हुए सभी राजनीतिक दलों से अपील की है कि वे उनकी बेटी की मौत पर राजनीति न करें। यह मामला अब कानून, राजनीति और सामाजिक संवेदनशीलता के बीच एक जटिल स्थिति बन गया है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button