यूपी में 11.68 लाख लोग हुए साक्षर, अभियान जारी

उत्तर प्रदेश में निरक्षरता को खत्म करने की दिशा में योगी सरकार का प्रयास लगातार रंग ला रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में संचालित नव भारत साक्षरता कार्यक्रम ने लाखों लोगों के जीवन में नई उम्मीद जगाई है। 15 वर्ष से अधिक आयु के असाक्षर नागरिकों को शिक्षित करने के उद्देश्य से चलाए जा रहे इस अभियान के तहत अब तक 11.68 लाख से अधिक लोगों को साक्षर बनाया जा चुका है।
गांव-गांव पहुंच रही शिक्षा
इस कार्यक्रम के अंतर्गत प्रदेशभर में असाक्षर लोगों की पहचान कर उन्हें वालंटियर्स और प्रशिक्षित मास्टर ट्रेनर्स की मदद से पढ़ना, लिखना और गणना करना सिखाया जा रहा है। ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से चल रही साक्षरता कक्षाएं हजारों परिवारों के लिए बदलाव का माध्यम बन रही हैं। सरकार का लक्ष्य केवल अक्षर ज्ञान देना नहीं, बल्कि लोगों को आत्मनिर्भर और जागरूक बनाना भी है।
परीक्षा में दिखा अभियान का असर
नव भारत साक्षरता कार्यक्रम के तहत अब तक सात साक्षरता मूल्यांकन परीक्षाएं आयोजित की जा चुकी हैं। इन परीक्षाओं में कुल 13.81 लाख से अधिक लोगों ने भाग लिया, जिनमें से 11.68 लाख प्रतिभागी सफल घोषित हुए। यह आंकड़ा अभियान की प्रभावशीलता और लोगों की बढ़ती भागीदारी को दर्शाता है।
2026-27 के लिए नई तैयारी
राज्य सरकार ने अगले चरण के लिए भी व्यापक योजना तैयार कर ली है। केंद्र सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुसार सभी जिलों को नए असाक्षर नागरिकों की पहचान कर उन्हें शिक्षा से जोड़ने का लक्ष्य दिया गया है। प्रशिक्षित वालंटियर्स के माध्यम से साक्षरता कक्षाओं का संचालन होगा और वर्ष में दो बार मूल्यांकन परीक्षाएं आयोजित की जाएंगी।
आत्मनिर्भर यूपी की ओर बड़ा कदम
विशेषज्ञों का मानना है कि शिक्षा किसी भी समाज के विकास की सबसे मजबूत नींव होती है। नव भारत साक्षरता कार्यक्रम केवल लोगों को पढ़ना-लिखना नहीं सिखा रहा, बल्कि उन्हें आत्मविश्वास, जागरूकता और बेहतर भविष्य की राह भी दिखा रहा है। यही पहल उत्तर प्रदेश को एक अधिक शिक्षित, सशक्त और आत्मनिर्भर राज्य बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
