
देशभर में पेपर लीक के खिलाफ जारी विरोध प्रदर्शनों के बीच उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कांग्रेस और समाजवादी पार्टी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने केंद्र सरकार के प्रस्तावित एंटी-चीटिंग कानून की सराहना करते हुए कहा कि अब छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी।
कांग्रेस और सपा पर साधा निशाना
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जिन लोगों ने वर्षों तक युवाओं का शोषण किया और छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया, वही आज उनके लिए घड़ियाली आंसू बहा रहे हैं। उन्होंने कांग्रेस और समाजवादी पार्टी पर आरोप लगाया कि उनके शासनकाल में युवाओं के हितों की अनदेखी हुई और भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता का अभाव रहा।
एंटी-चीटिंग कानून की जमकर तारीफ
सीएम योगी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार जताते हुए प्रस्तावित एंटी-चीटिंग कानून की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि सरकार ने छात्रों के भविष्य को सुरक्षित रखने के लिए बड़ा फैसला लिया है। योगी के अनुसार, नए प्रावधानों के तहत परीक्षा में धांधली करने वाले नकल माफिया को 10 साल तक की सजा और 10 करोड़ रुपये तक के जुर्माने का सामना करना पड़ सकता है। उन्होंने इसे शिक्षा व्यवस्था को पारदर्शी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।

पिछली सरकारों पर लगाए गंभीर आरोप
मुख्यमंत्री ने समाजवादी पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा कि पहले नौकरी की प्रक्रिया में भ्रष्टाचार और वसूली होती थी। उन्होंने दावा किया कि वर्ष 2012 से 2017 के बीच हुई अधिकांश भर्तियां विवादों में रहीं और योग्य उम्मीदवारों को अवसर नहीं मिल पाया। यह आरोप मुख्यमंत्री के राजनीतिक बयान का हिस्सा है, जिस पर विपक्ष की अलग राय हो सकती है।
सरकारी नौकरियों और विकास कार्यों का किया उल्लेख
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि वर्ष 2017 के बाद प्रदेश में भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता लाई गई। उन्होंने दावा किया कि पिछले नौ वर्षों में उत्तर प्रदेश में 9 लाख से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरियां दी गई हैं। इसके साथ ही उन्होंने समाजवादी पार्टी पर विकास विरोधी राजनीति करने का आरोप लगाया और कहा कि उनके एजेंडे में कभी विकास प्राथमिकता नहीं रहा।
2,105 करोड़ की परियोजनाओं की दी सौगात
अपने संबोधन से पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने फतेहपुर, जालौन और आगरा के विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों के लिए 2,105 करोड़ रुपये से अधिक लागत की 552 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। इस दौरान उन्होंने विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के लाभार्थियों को प्रमाण-पत्र, स्वीकृति-पत्र, किट और चेक भी वितरित किए। इससे पहले उन्होंने शामली में भी 581 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया था।
