
नीट पेपर लीक के विरोध में बुलाए गए बिहार बंद के दौरान शनिवार को पटना समेत कई जिलों में प्रदर्शन उग्र हो गया। कई स्थानों पर छात्रों और पुलिस के बीच झड़प हुई, जबकि जनशक्ति जनता दल (जेजेडी) के अध्यक्ष तेज प्रताप यादव को प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने हिरासत में ले लिया। राज्यभर में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।
पटना में प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लिए गए तेज प्रताप
पटना में छात्रों के समर्थन में पहुंचे जेजेडी अध्यक्ष तेज प्रताप यादव को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। हिरासत में लिए जाने से पहले उन्होंने कहा कि वह युवाओं के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े हैं और उनके अधिकारों की लड़ाई में पीछे नहीं हटेंगे। उन्होंने कहा कि छात्रों के हक के लिए वह हर संघर्ष करने को तैयार हैं।
बिहार बंद के दौरान कई शहरों में उग्र प्रदर्शन
पेपर लीक के विरोध में बुलाए गए बिहार बंद का असर पटना, सासाराम, पूर्णिया, छपरा, औरंगाबाद, सिवान, जहानाबाद, शेखपुरा और रोहतास सहित कई जिलों में देखने को मिला। कई जगह छात्रों ने सड़क पर उतरकर प्रदर्शन किया और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की। प्रशासन ने संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया।

पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच कई जगह झड़प
पटना के गांधी मैदान क्षेत्र में प्रदर्शन के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तीखी झड़प हुई। कुछ स्थानों पर पुलिस वाहनों में तोड़फोड़ और उन्हें पलटने की घटनाएं भी सामने आईं। छपरा में भी प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच टकराव हुआ। हालात को नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल बुलाया गया और सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई।
औरंगाबाद में पथराव, सुरक्षा व्यवस्था कड़ी
औरंगाबाद में प्रदर्शन के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तनाव बढ़ गया, जहां पथराव की घटनाएं भी सामने आईं। पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए कार्रवाई की। वहीं पटना, सिवान, जहानाबाद, शेखपुरा और रोहतास समेत कई जिलों में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया गया ताकि कानून-व्यवस्था बनी रहे।
पेपर लीक मामले पर बढ़ा राजनीतिक दबाव
नीट पेपर लीक को लेकर छात्रों का आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है। विभिन्न छात्र संगठनों और राजनीतिक दलों ने इस मुद्दे पर अपनी-अपनी प्रतिक्रिया दी है। जेजेडी ने आंदोलन का समर्थन किया है, जबकि प्रदर्शनकारी परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता, दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। प्रशासन की ओर से स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
