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पेपर लीक विवाद पर राजा वड़िंग का केंद्र पर हमला, बोले- शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा कब?

देशभर में पेपर लीक और परीक्षा घोटालों को लेकर जारी राजनीतिक बहस के बीच पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि लगातार सामने आ रहे परीक्षा घोटालों से लाखों छात्रों का भविष्य प्रभावित हुआ है, लेकिन सरकार अब भी जवाबदेही तय करने से बच रही है।

शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग

चंडीगढ़ में जारी अपने बयान में अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सवाल किया कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से इस्तीफा कब लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि परीक्षा प्रणाली में बार-बार सामने आ रही अनियमितताओं ने छात्रों का भरोसा कमजोर किया है और सरकार को इस पर स्पष्ट जवाब देना चाहिए।

छात्रों पर कार्रवाई को लेकर उठाए सवाल

राजा वड़िंग ने आरोप लगाया कि अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे छात्रों के साथ सख्ती बरती गई और उन पर लाठीचार्ज किया गया। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखना प्रत्येक नागरिक का अधिकार है और विरोध को बलपूर्वक दबाने की कोशिश उचित नहीं मानी जा सकती।

पेपर लीक विवाद पर राजा वड़िंग का केंद्र पर हमला, बोले- शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा कब?

पुलिस कार्रवाई की जांच की मांग

पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि छात्रों पर बल प्रयोग करने वाले जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ भी निष्पक्ष जांच और उचित कार्रवाई होनी चाहिए। उनके अनुसार, सरकार को विरोध की आवाज सुननी चाहिए और छात्रों की चिंताओं का समाधान संवाद के माध्यम से करना चाहिए।

तीन प्रमुख मांगों का किया उल्लेख

राजा वड़िंग ने कहा कि छात्रों की मुख्य मांगों में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को पद से हटाना, पेपर लीक और परीक्षा घोटालों से प्रभावित छात्रों से सार्वजनिक रूप से माफी मांगना तथा इन मामलों में जिम्मेदार लोगों के खिलाफ निष्पक्ष और कड़ी कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करना शामिल है।

परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर चिंता

उन्होंने कहा कि पेपर लीक जैसी घटनाओं ने प्रतियोगी परीक्षाओं की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। लाखों विद्यार्थी वर्षों की मेहनत के बाद परीक्षाएं देते हैं, लेकिन जब परीक्षा प्रक्रिया पर ही सवाल उठते हैं तो उनका मनोबल प्रभावित होता है। ऐसे में सरकार की जिम्मेदारी है कि परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी और भरोसेमंद बनाया जाए।

पेपर लीक के मुद्दे पर विपक्ष लगातार केंद्र सरकार से जवाबदेही और ठोस कार्रवाई की मांग कर रहा है। वहीं सरकार परीक्षा प्रणाली में सुधार और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की बात कर रही है। इस मुद्दे पर राजनीतिक बहस फिलहाल और तेज होती दिखाई दे रही है।

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