
पेपर लीक के विरोध में जंतर-मंतर पर जारी छात्र आंदोलन के बीच केंद्र सरकार ने इस मुद्दे पर तेजी से कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फास्ट ट्रैक कोर्ट के गठन और सख्त कानून लाने की घोषणा करते हुए संकेत दिया है कि सरकार इस मामले को गंभीरता से लेकर आगे बढ़ रही है।
फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने की घोषणा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि पेपर लीक से जुड़े मामलों के त्वरित निस्तारण के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट स्थापित किए जाएंगे। उनके अनुसार, संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश भी जारी कर दिए गए हैं ताकि मामलों का जल्द निपटारा हो सके।
कैबिनेट में नए कानून पर होगी चर्चा
प्रधानमंत्री ने जानकारी दी कि कैबिनेट बैठक में पेपर लीक के खिलाफ सख्त प्रावधानों वाले विधेयक पर चर्चा की जाएगी। उन्होंने कहा कि सहयोगी मंत्रियों के सुझावों के आधार पर आगे की रणनीति तय होगी और संसद के आगामी सत्र में इस विधेयक को पेश करने की तैयारी की जाएगी।

सोनम वांगचुक ने खत्म किया अनशन
पेपर लीक मुद्दे पर आंदोलन के दौरान भूख हड़ताल पर बैठे सोनम वांगचुक ने सरकार की ओर से मिले लिखित आश्वासन के बाद अपना अनशन समाप्त कर दिया। केंद्रीय मंत्रियों जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह ने अस्पताल पहुंचकर उनसे मुलाकात की। इसके बाद प्रधानमंत्री मोदी ने उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना भी की।
प्रशासनिक स्तर पर भी हुए बदलाव
सरकार ने इस पूरे घटनाक्रम के बीच कुछ प्रशासनिक फैसले भी लिए हैं। प्रदर्शन स्थल की ड्यूटी पर तैनात दिल्ली पुलिस के एक अधिकारी को हटाया गया है। वहीं उच्च शिक्षा विभाग में भी सचिव स्तर पर बदलाव करते हुए नए अधिकारी की नियुक्ति की गई है।
संसद में बहस को लेकर सियासी टकराव
पेपर लीक मुद्दे पर संसद में भी राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। सरकार का कहना है कि वह इस विषय पर चर्चा के लिए तैयार है, जबकि विपक्ष शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग पर कायम है। दोनों पक्षों के बीच इस मुद्दे को लेकर आरोप-प्रत्यारोप जारी हैं।
पेपर लीक के मुद्दे पर केंद्र सरकार ने न्यायिक, प्रशासनिक और विधायी स्तर पर कई कदमों का संकेत दिया है। वहीं संसद और सड़कों पर इस मुद्दे को लेकर राजनीतिक बहस भी तेज हो गई है। आने वाले दिनों में प्रस्तावित विधेयक और सरकारी फैसलों पर सभी की नजर रहेगी।
