राज्यराजनीति

मानहानि मामले में सुखबीर सिंह बादल को चंडीगढ़ कोर्ट से राहत, व्यक्तिगत पेशी से मिली छूट

शिरोमणि अकाली दल (शिअद) के अध्यक्ष और पंजाब के पूर्व उपमुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल को 2017 के मानहानि मामले में चंडीगढ़ जिला अदालत से अंतरिम राहत मिली है। अदालत ने पार्टी की अहम बैठक और सुप्रीम कोर्ट में लंबित याचिका का हवाला देखते हुए उन्हें व्यक्तिगत पेशी से छूट प्रदान कर दी।

अदालत ने व्यक्तिगत पेशी से दी राहत

मंगलवार को चंडीगढ़ जिला अदालत में सुनवाई के दौरान सुखबीर सिंह बादल की ओर से व्यक्तिगत पेशी से छूट का आवेदन दायर किया गया। आवेदन में कहा गया कि पंजाब में होने वाले आगामी चुनावों को लेकर शिरोमणि अकाली दल की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई है, जिसमें सभी उम्मीदवारों की मौजूदगी जरूरी है। पार्टी अध्यक्ष होने के कारण उनका बैठक में शामिल होना आवश्यक है।

अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट सोनाली सिंह की अदालत ने आवेदन पर विचार करते हुए इस तारीख के लिए व्यक्तिगत पेशी से छूट दे दी।

मानहानि मामले में सुखबीर सिंह बादल को चंडीगढ़ कोर्ट से राहत, व्यक्तिगत पेशी से मिली छूट

सुप्रीम कोर्ट में लंबित है एसएलपी

बचाव पक्ष ने अदालत को बताया कि मामले से संबंधित विशेष अनुमति याचिका (SLP) सुप्रीम कोर्ट में दायर की जा चुकी है और उस पर जल्द सुनवाई होने की संभावना है। साथ ही अदालत को यह भरोसा भी दिलाया गया कि सुखबीर सिंह बादल अगली निर्धारित तारीख पर व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होंगे।

क्या है 2017 का मानहानि मामला?

यह मामला वर्ष 2017 में दायर एक आपराधिक मानहानि शिकायत से जुड़ा है। शिकायतकर्ता राजिंदर पाल सिंह ने आरोप लगाया था कि सुखबीर सिंह बादल ने मीडिया से बातचीत के दौरान अखंड कीर्तनी जत्था को प्रतिबंधित संगठन बब्बर खालसा इंटरनेशनल (BKI) का राजनीतिक मोर्चा बताया था।

शिकायत के अनुसार, इन कथित बयानों के प्रसारण और समाचार पत्रों में प्रकाशित होने से शिकायतकर्ता और संगठन की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचा।

किन धाराओं के तहत दर्ज है मामला?

इस मामले में भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 499, 500, 501 और 502 के तहत आपराधिक मानहानि की शिकायत दर्ज की गई थी। इसके बाद मामला चंडीगढ़ की अदालत में विचाराधीन है।

हाईकोर्ट पहले ही खारिज कर चुका है याचिका

इससे पहले पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट सुखबीर सिंह बादल की उस याचिका को खारिज कर चुका है, जिसमें उन्होंने मानहानि की शिकायत को रद्द करने की मांग की थी। हाईकोर्ट के फैसले के बाद अब मामले की सुनवाई निचली अदालत में जारी है।

सुखबीर सिंह बादल को फिलहाल व्यक्तिगत पेशी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मानहानि मामले की सुनवाई जारी रहेगी। मामले से जुड़ी कानूनी प्रक्रिया अब निचली अदालत और सुप्रीम कोर्ट में लंबित कार्यवाही के आधार पर आगे बढ़ेगी। अंतिम निर्णय न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।

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