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BJP का ‘श्री गुरु रविदास महाराज समरसता संकल्प अभियान’ आज से शुरू, वाराणसी से होगी शुरुआत

भारतीय जनता पार्टी (BJP) 29 जुलाई 2026 से 20 फरवरी 2027 तक देशभर में ‘श्री गुरु रविदास महाराज समरसता संकल्प अभियान’ चलाएगी। अभियान का शुभारंभ संत रविदास की जन्मस्थली वाराणसी के सीर गोवर्धनपुर से होगा। पार्टी के अनुसार इसका उद्देश्य सामाजिक समरसता और संत रविदास के संदेश को जन-जन तक पहुंचाना है।

वाराणसी से होगी अभियान की शुरुआत

भाजपा का यह राष्ट्रीय अभियान 29 जुलाई 2026 से शुरू होकर 20 फरवरी 2027 यानी संत रविदास जयंती तक चलेगा। अभियान का शुभारंभ वाराणसी स्थित सीर गोवर्धनपुर, संत रविदास की जन्मस्थली, से किया जाएगा।

कार्यक्रम में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के शामिल होने की जानकारी दी गई है।

BJP का 'श्री गुरु रविदास महाराज समरसता संकल्प अभियान' आज से शुरू, वाराणसी से होगी शुरुआत

अभियान के तहत क्या होंगे कार्यक्रम?

भाजपा के अनुसार, अभियान के दौरान संत रविदास की जन्मस्थली की पवित्र मिट्टी को कलशों में भरकर देश के विभिन्न राज्यों में ले जाया जाएगा।

इसके अलावा पूरे देश में:

  • समरसता सभाओं का आयोजन होगा।
  • पदयात्राएं निकाली जाएंगी।
  • संत रविदास के विचारों पर आधारित कार्यक्रम होंगे।
  • सामाजिक संवाद और जनसंपर्क अभियान चलाए जाएंगे।

पार्टी का कहना है कि इन कार्यक्रमों का उद्देश्य सामाजिक समानता, समरसता और संत रविदास के संदेश का व्यापक प्रसार करना है।

राजनीतिक महत्व भी माना जा रहा

राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, इस अभियान को दलित समाज के बीच भाजपा के जनसंपर्क अभियान के रूप में भी देखा जा रहा है। आगामी चुनावों को ध्यान में रखते हुए इसे विभिन्न राज्यों में संगठन की पहुंच मजबूत करने की रणनीति माना जा रहा है।

हालांकि, भाजपा की ओर से आधिकारिक तौर पर इसे सामाजिक समरसता और संत रविदास की शिक्षाओं के प्रचार-प्रसार का अभियान बताया गया है।

किन राज्यों में रविदास समाज का प्रभाव?

रविदासिया समाज का प्रभाव कई राज्यों में महत्वपूर्ण माना जाता है।

  • पंजाब में अनुसूचित जाति की बड़ी आबादी है और दोआबा क्षेत्र में रविदासिया समुदाय प्रभावशाली माना जाता है।
  • उत्तर प्रदेश में वाराणसी स्थित संत रविदास की जन्मस्थली के कारण पूर्वांचल और मध्य यूपी में इस समाज का विशेष प्रभाव माना जाता है।
  • दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान, मध्य प्रदेश, उत्तराखंड और छत्तीसगढ़ के कई विधानसभा क्षेत्रों में भी रविदास समाज महत्वपूर्ण मतदाता समूह के रूप में देखा जाता है।

इन क्षेत्रों में समुदाय की सामाजिक और राजनीतिक भूमिका को महत्वपूर्ण माना जाता है।

तरुण चुघ ने क्या कहा?

भाजपा सांसद तरुण चुघ ने कहा कि पार्टी ने संत गुरु रविदास जी के 650वें जन्म वर्ष के अवसर पर यह राष्ट्रीय अभियान शुरू करने का निर्णय लिया है।

उन्होंने बताया कि यह अभियान गुरु पूर्णिमा से शुरू होकर संत रविदास जयंती तक लगभग सात महीने चलेगा और इसका उद्देश्य संत रविदास के समरसता और समानता के संदेश को देशभर में पहुंचाना है।

भाजपा का ‘श्री गुरु रविदास महाराज समरसता संकल्प अभियान’ सामाजिक समरसता और संत रविदास के विचारों के प्रचार के उद्देश्य से शुरू किया जा रहा है। साथ ही, राजनीतिक विश्लेषक इसे दलित समाज के बीच जनसंपर्क बढ़ाने की रणनीति के रूप में भी देख रहे हैं। आने वाले महीनों में यह अभियान विभिन्न राज्यों में व्यापक स्तर पर आयोजित किया जाएगा।

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