असम के शिवसागर में 50 वर्षों की सबसे भीषण बाढ़, 30 की मौत; चार लाख लोग प्रभावित

असम के शिवसागर जिले में आई हालिया बाढ़ को पिछले 50 वर्षों की सबसे विनाशकारी बाढ़ बताया गया है। जिला प्रशासन के अनुसार इस आपदा में अब तक 30 लोगों की मौत हो चुकी है, सात लोग लापता हैं और लगभग चार लाख लोग प्रभावित हुए हैं। राहत, बचाव और पुनर्वास का कार्य युद्धस्तर पर जारी है।
301 गांव और करीब चार लाख लोग प्रभावित
शिवसागर के उपायुक्त मृदुल यादव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि जिले के तीन राजस्व सर्किलों के अंतर्गत आने वाले 301 राजस्व गांव बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। उनके अनुसार, सबसे अधिक नुकसान नाज़िरा और शिवसागर विधानसभा क्षेत्रों में हुआ है, जहां हजारों परिवारों के घर, खेती और आजीविका प्रभावित हुई है। यह जानकारी जिला प्रशासन की ओर से दी गई है।
30 लोगों की मौत, सात अब भी लापता
उपायुक्त ने बताया कि बाढ़ के कारण अब तक 30 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि सात लोग अब भी लापता हैं। प्रशासन, एसडीआरएफ और अन्य एजेंसियां लगातार खोज एवं बचाव अभियान चला रही हैं। लापता लोगों का पता लगाने के लिए सभी उपलब्ध संसाधनों का उपयोग किया जा रहा है।

20 हजार लोगों को सुरक्षित निकाला गया
प्रशासन के अनुसार अब तक लगभग 20,000 लोगों को जलमग्न इलाकों से सुरक्षित निकालकर राहत शिविरों में पहुंचाया गया है। इस अभियान में एसडीआरएफ, एनडीआरएफ और स्थानीय स्वयंसेवकों ने संयुक्त रूप से काम किया। बचाव कार्य के लिए 60 एसडीआरएफ-एनडीआरएफ नौकाओं और 62 स्थानीय देशी नौकाओं का उपयोग किया गया।
राहत शिविर, हेलीकॉप्टर से मदद और स्वास्थ्य सेवाएं
जिले में प्रभावित लोगों के लिए 50 से अधिक राहत शिविर और राहत वितरण केंद्र संचालित किए जा रहे हैं। जिन क्षेत्रों तक सड़क मार्ग से पहुंच संभव नहीं है, वहां हेलीकॉप्टर के माध्यम से लगभग 10,000 किलोग्राम राहत सामग्री करीब 2,000 परिवारों तक पहुंचाई गई है। वहीं स्वास्थ्य विभाग ने बाढ़ के बाद संभावित बीमारियों की रोकथाम के लिए 38 मेडिकल टीमों को 200 से अधिक राहत शिविरों और प्रभावित क्षेत्रों में तैनात किया है।
अगले दो से तीन दिन बेहद अहम
उपायुक्त मृदुल यादव ने कहा कि नदियों का जलस्तर धीरे-धीरे घट रहा है, लेकिन कई शहरी और ग्रामीण इलाकों में अब भी जलभराव बना हुआ है। उन्होंने कहा कि अगले दो से तीन दिन स्थिति सामान्य करने के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण हैं। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे आधिकारिक निर्देशों का पालन करें और पूरी तरह सुरक्षित होने तक जलमग्न क्षेत्रों में जाने से बचें। यह जिला प्रशासन की अपील है।
