
नरेंद्र मोदी ने 7 अक्टूबर 2001 को गुजरात के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी। इसके बाद वह लगातार मुख्यमंत्री और फिर देश के प्रधानमंत्री पद पर रहे।
गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में उनका कार्यकाल करीब 14 वर्षों तक रहा। इसके बाद वर्ष 2014 में उन्होंने देश के प्रधानमंत्री पद की जिम्मेदारी संभाली।
देशभर में चलेगा 15 दिनों का अभियान
बीजेपी की योजना के अनुसार, ‘सेवा संकल्प महोत्सव’ के तहत करीब 15 दिनों तक देशभर में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
इस दौरान स्वच्छता अभियान, रक्तदान शिविर, वृक्षारोपण कार्यक्रम और स्वास्थ्य जांच शिविर जैसे जनसेवा से जुड़े आयोजन किए जाएंगे।
डिजिटल प्रदर्शनी और संवाद कार्यक्रमों की तैयारी
कार्यक्रमों में ‘नरेंद्र मोदी के 25 वर्ष’ थीम पर डिजिटल और फोटो प्रदर्शनी भी लगाई जाएंगी।
इसके अलावा सुशासन, विकास और अंत्योदय जैसे विषयों पर प्रबुद्ध वर्ग सम्मेलन आयोजित होंगे। युवाओं और समाज के विभिन्न वर्गों के साथ संवाद कार्यक्रम भी इस अभियान का हिस्सा होंगे।
जनकल्याणकारी योजनाओं पर रहेगा फोकस
बीजेपी इस अभियान के माध्यम से केंद्र सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को लोगों तक पहुंचाने की तैयारी कर रही है।

इसके लिए विशेष शिविर लगाए जाएंगे, जहां लोगों को सरकारी योजनाओं और उनके लाभ की जानकारी दी जाएगी।
विनोद तावड़े को मिली अभियान की जिम्मेदारी
‘सेवा संकल्प महोत्सव’ की जिम्मेदारी बीजेपी महासचिव विनोद तावड़े को सौंपी गई है।
जानकारी के मुताबिक, हर राज्य में सात सदस्यीय टीम अभियान का संचालन करेगी। इसमें प्रदेश सरकार का एक मंत्री, संगठन का एक महामंत्री और पांच अन्य नेता शामिल होंगे।
मुख्यमंत्री से प्रधानमंत्री तक का सफर
नरेंद्र मोदी ने गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में अपनी राजनीतिक यात्रा की शुरुआत की थी। उन्होंने 2002, 2007 और 2012 के गुजरात विधानसभा चुनावों में बीजेपी को जीत दिलाई।
इसके बाद 2014 में उन्होंने प्रधानमंत्री पद संभाला और लगातार तीसरी बार देश के प्रधानमंत्री बने।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जनसेवा के 25 साल पूरे होने का अवसर बीजेपी के लिए राजनीतिक और संगठनात्मक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। ‘सेवा संकल्प महोत्सव’ के जरिए पार्टी जनसंपर्क, सेवा कार्यों और सरकार की उपलब्धियों को जनता तक पहुंचाने की तैयारी कर रही है।
