
पंजाब कांग्रेस में नेतृत्व परिवर्तन हो गया है। अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग के इस्तीफे के कुछ ही घंटों बाद कांग्रेस ने पूर्व भारतीय हॉकी कप्तान और ओलंपियन परगट सिंह को पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी का नया अध्यक्ष नियुक्त कर दिया। यह बदलाव 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले हुआ है और इसके साथ ही प्रदेश कांग्रेस में चल रही नेतृत्व की खींचतान एक बार फिर चर्चा में आ गई है।
परगट सिंह को मिली पंजाब कांग्रेस की कमान
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने परगट सिंह को तत्काल प्रभाव से पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी का अध्यक्ष नियुक्त किया है। वह जालंधर कैंट से कांग्रेस विधायक हैं और भारतीय हॉकी टीम के पूर्व कप्तान रह चुके हैं। परगट सिंह ने 1992 बार्सिलोना और 1996 अटलांटा ओलंपिक में भारतीय हॉकी टीम की कप्तानी की थी।
परगट सिंह पंजाब सरकार में खेल और शिक्षा मंत्री भी रह चुके हैं। कांग्रेस संगठन में भी उनके पास पहले जिम्मेदारियां रही हैं। अब उनके सामने 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले प्रदेश संगठन को संभालने की जिम्मेदारी होगी।
राजा वड़िंग के इस्तीफे के बाद फैसला
परगट सिंह की नियुक्ति से पहले राजा वड़िंग ने दिल्ली में राहुल गांधी से मुलाकात की और पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष पद से अपना इस्तीफा सौंप दिया। वड़िंग अप्रैल 2022 से प्रदेश कांग्रेस की कमान संभाल रहे थे। कांग्रेस ने उनके कार्यकाल के लिए उन्हें धन्यवाद भी दिया।
वड़िंग के इस्तीफे के बाद ही कांग्रेस ने नए प्रदेश अध्यक्ष के नाम का ऐलान कर दिया। इससे नेतृत्व परिवर्तन की प्रक्रिया काफी तेजी से पूरी हुई।

सचिन पायलट पर वड़िंग का इशारा
इस्तीफा देने के बाद राजा वड़िंग ने पंजाब कांग्रेस के प्रभारी सचिन पायलट को लेकर भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि पायलट से उनकी मुलाकात नियुक्ति के बाद करीब 15 मिनट की हुई थी और उसके बाद दोनों की मुलाकात नहीं हुई।
वड़िंग ने कहा कि उन्हें लगता है कि शायद सचिन पायलट ने तय कर लिया था कि उन्हें प्रदेश अध्यक्ष पद से हटाया जाना चाहिए। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उनके पास इस संबंध में कोई ठोस सबूत नहीं है। इसलिए पायलट की भूमिका को लेकर वड़िंग का बयान उनकी व्यक्तिगत धारणा के रूप में ही देखा जाना चाहिए।
चन्नी खेमे से जुड़े समीकरण भी चर्चा में
पंजाब कांग्रेस में पिछले कुछ महीनों से अलग-अलग नेताओं के बीच मतभेद और संगठनात्मक नेतृत्व को लेकर चर्चा होती रही है। रिपोर्टों में परगट सिंह को पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी के करीबी नेताओं में गिना गया है।
हालांकि, यह कहना कि परगट सिंह की नियुक्ति सीधे तौर पर चन्नी की सिफारिश पर हुई, आधिकारिक रूप से पुष्ट नहीं है। रिपोर्टों में कांग्रेस नेतृत्व द्वारा कई नेताओं से फीडबैक लेने और अलग-अलग नामों पर विचार किए जाने की जानकारी सामने आई है।
2027 चुनाव से पहले कांग्रेस का बड़ा बदलाव
पंजाब में अगला विधानसभा चुनाव 2027 में होना है। ऐसे समय में प्रदेश अध्यक्ष बदलने का फैसला कांग्रेस के संगठनात्मक ढांचे में महत्वपूर्ण बदलाव है।
परगट सिंह के सामने प्रदेश कांग्रेस के अलग-अलग नेताओं और समूहों के बीच समन्वय बनाने के साथ संगठन को चुनावी तैयारी के लिए सक्रिय करने की जिम्मेदारी होगी। कांग्रेस के भीतर पिछले कुछ समय से चल रही गुटीय खींचतान के बीच नए अध्यक्ष की भूमिका पर भी नजर रहेगी।
बीजेपी ने कांग्रेस पर साधा निशाना
राजा वड़िंग के इस्तीफे के बाद बीजेपी नेताओं ने कांग्रेस के अंदरूनी घटनाक्रम पर निशाना साधा। पूर्व केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने राहुल गांधी पर टिप्पणी करते हुए कांग्रेस नेतृत्व की कार्यशैली पर सवाल उठाए। पंजाब बीजेपी अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों ने भी वड़िंग के इस्तीफे को लेकर कांग्रेस पर राजनीतिक हमला किया।
ये बयान विपक्षी नेताओं की राजनीतिक प्रतिक्रियाएं हैं। कांग्रेस ने पंजाब संगठन में बदलाव को अपने संगठनात्मक फैसले के तौर पर पेश किया है।
अब परगट सिंह के सामने प्रदेश संगठन को संभालने, वरिष्ठ नेताओं के बीच समन्वय बनाने और 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारियों को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी होगी।
