चाणक्यपुरी में नाबालिग से गांजा बिकवाने का आरोप, महिला गिरफ्तार

दिल्ली के चाणक्यपुरी इलाके में नशीले पदार्थों की तस्करी का एक मामला सामने आया है। पुलिस ने 39 वर्षीय महिला को गिरफ्तार किया है। पुलिस का आरोप है कि महिला अपने नाबालिग बच्चे के जरिए गांजे की पुड़िया बिकवा रही थी। पुलिस ने महिला और बच्चे के कब्जे से कुल 43 पुड़िया गांजा बरामद करने का दावा किया है।
गश्त के दौरान संदिग्ध हालत में मिला नाबालिग
पुलिस के मुताबिक, 28 सितंबर की शाम करीब 7 बजे चाणक्यपुरी थाना पुलिस की टीम संजय कैंप इलाके में गश्त कर रही थी। इसी दौरान पुलिसकर्मियों की नजर एक नाबालिग बच्चे पर पड़ी, जो संदिग्ध स्थिति में दिखाई दे रहा था।
पुलिस ने बच्चे की तलाशी ली तो उसके पास छोटी पॉलीथिन की कई पुड़िया मिलीं। जांच में इनमें गांजा होने का संदेह हुआ। पुलिस के अनुसार, बच्चे के पास से कुल 6 पुड़िया बरामद हुईं।
बच्चे ने पुलिस को मां के बारे में बताया
पूछताछ के दौरान बच्चे ने पुलिस को कथित तौर पर बताया कि ये पुड़िया उसकी मां ने उसे बेचने के लिए दी थीं। इसके बाद पुलिस टीम ने बच्चे की निशानदेही पर उसकी मां को पकड़ लिया।
पुलिस ने आरोपी महिला की पहचान 39 वर्षीय पिंकी, पत्नी एनाजमुल हक, निवासी संजय कैंप, चाणक्यपुरी के रूप में की है।

महिला के पास से मिलीं 37 और पुड़िया
पुलिस के मुताबिक, महिला की तलाशी लेने पर उसके कब्जे से गांजे की 37 और पुड़िया बरामद हुईं। इस तरह नाबालिग और महिला के पास से कुल 43 पुड़ियां बरामद होने का दावा किया गया है।
बरामद पदार्थ की जांच करने के बाद पुलिस ने उसे नशीला पदार्थ बताया और नियमानुसार जब्त कर सील कर दिया।
पहले भी दो मामलों में गिरफ्तारी का दावा
पुलिस का कहना है कि आरोपी महिला पहले भी नशीले पदार्थों से जुड़े दो मामलों में गिरफ्तार हो चुकी है। पुलिस के अनुसार, इस साल ड्रग्स से जुड़े मामले में यह उसकी तीसरी गिरफ्तारी है।
महिला पर पहले भी ऐसे मामलों में शामिल होने का पुलिस रिकॉर्ड सामने आने की बात कही गई है। हालांकि, मौजूदा मामले में आरोपों की आगे की जांच जारी है।
NDPS और जुवेनाइल जस्टिस एक्ट के तहत केस
पुलिस ने महिला के खिलाफ NDPS एक्ट और जुवेनाइल जस्टिस एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। गिरफ्तारी के बाद पुलिस अब पूरे मामले की जांच कर रही है।
जांच का एक अहम हिस्सा यह पता लगाना है कि महिला कथित तौर पर गांजा कहां से लाती थी और इसके पीछे कोई बड़ा सप्लाई नेटवर्क तो नहीं है। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस कथित नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं।
चाणक्यपुरी के संजय कैंप में सामने आए इस मामले में पुलिस के आरोपों ने नाबालिग को कथित तौर पर नशीले पदार्थों की सप्लाई में इस्तेमाल किए जाने का गंभीर सवाल खड़ा किया है। अब जांच के जरिए यह स्पष्ट होना बाकी है कि गांजे की सप्लाई का स्रोत क्या था और इस नेटवर्क का दायरा कितना बड़ा है।
