
दीन दयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय में मंगलवार को सुदक्ष पीएचडी उपाधि प्रदान समारोह का आयोजन किया गया। इस खास अवसर पर वर्षों तक शोध और अध्ययन में जुटे 478 शोधार्थियों को पीएचडी की डिग्री देकर सम्मानित किया गया। डिग्री हासिल करने के बाद शोधार्थियों के चेहरों पर खुशी और उपलब्धि का भाव साफ दिखाई दिया।
भव्य समारोह में प्रदान की गई उपाधियां
विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित समारोह की अध्यक्षता कुलपति प्रोफेसर पूनम टंडन ने की। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में दक्षिण बिहार केंद्रीय विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर कामेश्वर नाथ मौजूद रहे।
समारोह की शुरुआत मां सरस्वती की प्रतिमा के सामने दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुई। इसके बाद राष्ट्रगीत और विश्वविद्यालय का कुलगीत प्रस्तुत किया गया।
शोधार्थियों को बताया विश्वविद्यालय की रीढ़
कुलपति प्रोफेसर पूनम टंडन ने अपने संबोधन में कहा कि किसी भी विश्वविद्यालय की असली ताकत उसके शोधार्थी होते हैं।
उन्होंने कहा कि शोध कार्य से विश्वविद्यालय की पहचान राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मजबूत होती है। उन्होंने शोधार्थियों को नई सोच और जिम्मेदारी के साथ आगे बढ़ने का संदेश दिया।

मुख्य अतिथि का रहा विशेष जुड़ाव
कुलपति ने मुख्य अतिथि प्रोफेसर कामेश्वर नाथ का स्वागत करते हुए बताया कि वे भी डीडीयू विश्वविद्यालय के पूर्व छात्र रह चुके हैं।
उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय को अपने पूर्व छात्रों की उपलब्धियों पर गर्व है। उन्होंने सभी शोधार्थियों को उनके उज्जवल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं।
शोधार्थियों ने साझा की खुशी
पीएचडी डिग्री प्राप्त करने वाले शोधार्थियों ने इस उपलब्धि को वर्षों की मेहनत का परिणाम बताया।
उन्होंने कहा कि नाम के आगे ‘डॉक्टर’ लगना उनके लिए बेहद गर्व और खुशी का पल है। कई शोधार्थियों ने इसे अपने जीवन के बड़े सपनों में से एक पूरा होना बताया।
कला संकाय के सबसे अधिक शोधार्थियों को मिली डिग्री
समारोह में कुल 478 शोधार्थियों को पीएचडी उपाधि प्रदान की गई।
इनमें कला संकाय के 280 शोधार्थी, विज्ञान संकाय के 118, शिक्षा संकाय के 31, वाणिज्य संकाय के 20, विधि संकाय के 20 और कृषि संकाय के 9 शोधार्थी शामिल रहे।
प्रतिज्ञा और फोटो सेशन के साथ हुआ समापन
समारोह के अंत में कुलपति प्रोफेसर पूनम टंडन ने सभी शोधार्थियों को अपने कर्तव्यों के पालन की शपथ दिलाई।
इसके बाद फोटो सेशन हुआ, जिसमें शोधार्थियों के चेहरों पर उपलब्धि की खुशी साफ नजर आई।
डीडीयू गोरखपुर विश्वविद्यालय का यह पीएचडी उपाधि समारोह शोध और शिक्षा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में सामने आया। 478 शोधार्थियों की यह सफलता न केवल उनके व्यक्तिगत प्रयासों का परिणाम है, बल्कि विश्वविद्यालय की बढ़ती शोध संस्कृति को भी दर्शाती है।
