
गोरखपुर जिला मुख्यालय से करीब 25 किलोमीटर दूर बांसगांव के बदौली बाबू गांव में सोमवार सुबह करीब 10 बजे दर्दनाक हादसा हुआ। नाग पंचमी के मौके पर गांव के कई बच्चे तालाब के पास जुटे थे। इसी दौरान कुछ बच्चे तालाब में नहाने लगे।
नहाते समय तीन बच्चे गहरे पानी में चले गए और देखते ही देखते डूबने लगे। साथ मौजूद बच्चों ने उन्हें बचाने की कोशिश की, लेकिन सफलता नहीं मिली।
ग्रामीणों ने शुरू किया बचाव अभियान
तीनों बच्चों को डूबता देखकर कुछ बच्चे किसी तरह तालाब से बाहर निकले और गांव पहुंचकर लोगों को जानकारी दी। इसके बाद ग्राम प्रधान प्रतिनिधि विकास सिंह ग्रामीणों के साथ तालाब पर पहुंचे।
ग्रामीणों ने तुरंत बचाव अभियान शुरू किया। मछली पकड़ने वाले जाल की मदद से तालाब में बच्चों की तलाश की गई। काफी प्रयास के बाद एक बच्चे को बाहर निकाला गया, लेकिन उसकी मौके पर ही मौत हो चुकी थी।

इसके बाद बाकी दोनों बच्चों को भी बाहर निकाला गया और अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
तीन परिवारों में छाया मातम
मृतकों की पहचान सचिन, अनुज और हरीश के रूप में हुई है। 14 वर्षीय सचिन पुत्र भजुराम कक्षा 6 में पढ़ता था। उसके पिता मजदूरी करते हैं और उसका एक भाई है।
9 वर्षीय अनुज पुत्र सत्य प्रकाश कक्षा 3 का छात्र था। उसके पिता गुजरात में पेंट-पॉलिश का काम करते हैं। अनुज का एक भाई है।
वहीं 12 वर्षीय हरीश पुत्र राधेश्याम कक्षा 5 में पढ़ता था। उसकी एक बहन है और उसके पिता दुबई में मजदूरी करते हैं।
गांव में पसरा सन्नाटा
हादसे की खबर फैलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण तालाब के पास पहुंच गए। तीन बच्चों की मौत से पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई। जिन बच्चों की चहक से कुछ देर पहले त्योहार का माहौल बना था, उसी गांव में बाद में परिवारों की चीख-पुकार सुनाई देने लगी।
परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। नाग पंचमी के दिन हुए इस हादसे ने पूरे गांव को गहरे सदमे में डाल दिया।
पुलिस ने शुरू की जांच
घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची। तीनों बच्चों के शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है। पुलिस हादसे से जुड़े सभी पहलुओं की जानकारी जुटा रही है।
फिलहाल प्राथमिक तौर पर मामला तालाब में डूबने का सामने आया है। पोस्टमॉर्टम के बाद आगे की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
विधायक और अधिकारियों ने दिया भरोसा
हादसे की जानकारी मिलते ही बांसगांव विधायक डॉ. विमलेश पासवान समेत तहसीलदार, ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि शिवाजी सिंह और अन्य जनप्रतिनिधि व प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे।
उन्होंने घटनास्थल का जायजा लिया और पीड़ित परिवारों से मुलाकात कर हरसंभव मदद का भरोसा दिलाया।
निष्कर्ष: नाग पंचमी का दिन बदौली बाबू गांव के तीन परिवारों के लिए कभी न भूलने वाला दर्द छोड़ गया। यह हादसा बच्चों की तालाब और गहरे पानी के आसपास सुरक्षा को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े करता है। त्योहार की खुशी के बीच थोड़ी सी लापरवाही ने तीन मासूम जिंदगियां छीन लीं।
