
मध्य प्रदेश के सागर में जहरीली शराब कांड ने पूरे राज्य को झकझोर दिया है। अब तक 16 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 32 बीमार लोगों का इलाज जारी है। घटना के बाद मुख्यमंत्री मोहन यादव ने सख्त कार्रवाई का दावा करते हुए नशाखोरी के खिलाफ अभियान चलाने की बात कही है।
जहरीली शराब से 16 लोगों की मौत
सागर में जहरीली शराब पीने से प्रभावित लोगों की संख्या करीब 50 बताई गई है। गुरुवार, 10 सितंबर तक मृतकों की संख्या बढ़कर 16 हो गई। जिलाधिकारी प्रतिभा पाल ने मौतों की आधिकारिक पुष्टि की है।
शराब पीने के बाद बीमार पड़े 32 लोगों का अलग-अलग अस्पतालों में इलाज चल रहा है। इनमें एक व्यक्ति की हालत गंभीर बताई गई है। हादसे के बाद प्रशासन और पुलिस की कार्रवाई लगातार जारी है।
CM मोहन यादव ने दिए सख्त कार्रवाई के निर्देश
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि सागर की घटना को लेकर प्रशासन को कानून-व्यवस्था के स्तर पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि ऐसी घटनाएं मध्य प्रदेश में बर्दाश्त नहीं की जाएंगी।
मुख्यमंत्री के मुताबिक, प्रशासन ने अतिक्रमण करने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई की है और मामले में कई लोगों पर ठोस कार्रवाई की गई है। उन्होंने यह भी कहा कि घटना के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कठोर कदम उठाए जाएंगे।

‘सबसे बड़े अपराधी का शॉर्ट एनकाउंटर’
मोहन यादव ने अपने बयान में दावा किया कि मामले में शामिल सबसे बड़े अपराधी का ‘शॉर्ट एनकाउंटर’ हुआ है। उन्होंने कहा कि किसी भी आरोपी को छोड़ा नहीं जाएगा।
यह बयान सागर शराबकांड में पुलिस कार्रवाई को लेकर चर्चा का प्रमुख केंद्र बन गया है। मुख्यमंत्री ने साथ ही प्रदेश में नशाखोरी के खिलाफ व्यापक अभियान चलाने की बात कही है।
30 आरोपियों की पहचान, 16 गिरफ्तार
सागर पुलिस के मुताबिक, शराबकांड में अब तक 30 आरोपियों की पहचान की गई है। इनमें से 16 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
मुख्यमंत्री ने घटना की न्यायिक जांच के आदेश भी दिए हैं। उन्होंने यह स्वीकार किया कि सागर जिले में जहरीली शराब बनाए जाने की बात सामने आई है। अब जांच में यह पता लगाने पर जोर रहेगा कि इस नेटवर्क का संचालन कैसे हो रहा था और इसमें कौन-कौन लोग शामिल थे।
ललितपुर गैंग से जुड़ा कनेक्शन
सागर के एसपी अनुराग सुजानिया के मुताबिक, उत्तर प्रदेश के ललितपुर के एक गिरोह का सदस्य रवि लखेड़ा कथित तौर पर जिले में जहरीली शराब बनाने में शामिल था।
पुलिस के अनुसार, लखेड़ा ललितपुर के कोतवाली थाना क्षेत्र की गंगापुरम कॉलोनी का रहने वाला है और फिलहाल फरार है। वह मूल रूप से महोबा जिले का रहने वाला बताया गया है।
अब जांच से खुलेगा पूरा नेटवर्क
सागर और ललितपुर की सीमा सटी होने के कारण जांच में अंतरराज्यीय कनेक्शन भी महत्वपूर्ण हो गया है। पुलिस फरार आरोपी की तलाश के साथ पूरे नेटवर्क की पड़ताल कर रही है।
16 मौतों के बाद अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि जहरीली शराब लोगों तक कैसे पहुंची और इसे बनाने व बेचने वाले नेटवर्क पर समय रहते कार्रवाई क्यों नहीं हुई। न्यायिक जांच और पुलिस कार्रवाई से इन सवालों के जवाब सामने आना जरूरी है, क्योंकि ऐसी त्रासदी दोबारा न हो, यही सबसे बड़ी जिम्मेदारी है।
