DUSU Election 2026: NSUI और ABVP ने घोषित किए उम्मीदवार, 18 सितंबर को मतदान

दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ चुनाव 2026 का सियासी माहौल गरमा गया है। NSUI और ABVP ने चारों प्रमुख पदों के लिए अपने प्रत्याशियों के नाम घोषित कर दिए हैं। दोनों संगठनों की तैयारियां तेज हैं और अब मुकाबला छात्रों के बीच समर्थन जुटाने पर केंद्रित होगा।
NSUI ने चार पदों पर उतारे प्रत्याशी
दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ यानी DUSU चुनाव 2026-27 के लिए कांग्रेस की छात्र इकाई नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (NSUI) ने अपने उम्मीदवारों का ऐलान कर दिया है। NSUI ने अध्यक्ष पद के लिए विजय शंकर मीणा, उपाध्यक्ष पद के लिए वीर चतरथ, सचिव पद के लिए नम्रता चौधरी और संयुक्त सचिव पद के लिए गोपाल चौधरी को मैदान में उतारा है।
विनोद जाखड़ ने दी प्रत्याशियों को शुभकामनाएं
उम्मीदवारों की घोषणा के बाद NSUI के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद जाखड़ ने सभी प्रत्याशियों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा कि इन उम्मीदवारों के नेतृत्व में छात्रहित की आवाज बुलंद होगी। जाखड़ ने यह भी कहा कि विश्वविद्यालय में डर और दबाव की राजनीति के बजाय छात्रों की आवाज और अधिकारों की राजनीति होनी चाहिए।

ABVP ने भी घोषित किया पैनल
दूसरी ओर, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से जुड़े छात्र संगठन अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) ने भी DUSU चुनाव के लिए अपना पैनल घोषित कर दिया है। ABVP ने अध्यक्ष पद पर यश डबास, उपाध्यक्ष पद पर इशू मौर्य, सचिव पद के लिए रिया छावड़ी और संयुक्त सचिव पद पर लक्ष्य राज सिंह को उम्मीदवार बनाया है।
चारों पदों पर सीधा मुकाबला
NSUI और ABVP के उम्मीदवार सामने आने के बाद दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ चुनाव का मुकाबला अब और दिलचस्प हो गया है। अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, सचिव और संयुक्त सचिव पदों पर दोनों प्रमुख छात्र संगठनों के बीच सीधी राजनीतिक टक्कर देखने को मिलेगी। आने वाले दिनों में प्रचार अभियान के साथ छात्र मुद्दे भी चुनावी बहस के केंद्र में रहने की संभावना है।
18 सितंबर को होगा मतदान
निर्वाचन कार्यक्रम के अनुसार DUSU चुनाव के लिए मतदान 18 सितंबर 2026 को कराया जाएगा। इसके अगले दिन यानी 19 सितंबर को मतगणना होगी। मतदान की तारीख नजदीक आने के साथ ही विश्वविद्यालय परिसर में चुनावी गतिविधियां तेज होने की उम्मीद है।
छात्रों के मुद्दों पर रहेगी नजर
DUSU चुनाव में छात्र संगठनों के लिए केवल पद जीतना ही चुनौती नहीं होगी, बल्कि छात्रों के बीच अपनी नीतियों और मुद्दों को प्रभावी तरीके से पहुंचाना भी अहम होगा। अब नजर इस बात पर है कि NSUI और ABVP अपने-अपने उम्मीदवारों के साथ किस तरह प्रचार करते हैं और छात्र किस पैनल पर भरोसा जताते हैं।
