राज्यराजनीति

40 साल बाद पुलिस के हाथ लगा छेड़छाड़ का आरोपी, 24 की उम्र में किया था अपराध

खंडवा जिले में पुलिस ने करीब 40 साल पुराने मामले में फरार चल रहे एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। मामला वर्ष 1986 का है, जब मोघट रोड थाना क्षेत्र में एक महिला ने अशोक कुमार पिता पॉपसिंग उर्फ पप्पू, निवासी संजय नगर के खिलाफ छेड़छाड़ की शिकायत दर्ज कराई थी।

उस समय अशोक कुमार की उम्र करीब 24 साल थी। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए उसे गिरफ्तार किया था और न्यायालय में पेश किया था। बाद में उसे जमानत मिल गई, लेकिन इसके बाद वह लगातार अदालत में होने वाली पेशियों से गैरहाजिर रहने लगा।

पेशियों से गैरहाजिर रहा तो जारी हुआ स्थाई वारंट

लगातार न्यायालय में पेश नहीं होने के कारण उसके खिलाफ स्थाई वारंट जारी किया गया था। इसके बाद पुलिस लंबे समय से उसकी तलाश कर रही थी।

मोघट रोड पुलिस ने आरोपी के पुराने ठिकानों की जानकारी जुटाई और संभावित स्थानों पर तलाश शुरू की। करीब चार दशक तक आरोपी पुलिस की गिरफ्त से बाहर रहा।

कटिंग की दुकान बंद मिली

पुलिस जब आरोपी के पुराने ठिकाने पर पहुंची तो पता चला कि जलेबी चौक पर उसकी कटिंग की दुकान थी। हालांकि, पुलिस टीम वहां पहुंची तो दुकान बंद मिली।

40 साल बाद पुलिस के हाथ लगा छेड़छाड़ का आरोपी, 24 की उम्र में किया था अपराध

इसके बाद पुलिस संजय नगर स्थित उसके घर पहुंची, लेकिन वहां भी ताला लगा हुआ था। इस दौरान पुलिस को आरोपी के बारे में एक अहम सुराग मिला।

मुखबिर की सूचना से पहुंची पुलिस

टीआई विकास खिंची और हेड कांस्टेबल रफीक खान को मुखबिर से सूचना मिली कि अशोक कुमार बस स्टैंड के पास संचालित गन्ने की चरखी की दुकान में रह रहा है।

सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर आरोपी को पकड़ लिया। पहचान की पुष्टि करने के बाद उसे हिरासत में लिया गया और न्यायालय में पेश किया गया। अदालत से उसे जेल भेज दिया गया।

24 साल से 64 साल का हो गया आरोपी

जिस समय मामला दर्ज हुआ था, उस वक्त अशोक कुमार की उम्र करीब 24 साल थी। अब करीब 40 साल बाद उसकी उम्र 64 वर्ष हो चुकी है।

लंबे समय के अंतराल में आरोपी का चेहरा और हुलिया भी काफी बदल गया था। पुलिस के मुताबिक, मुखबिर से मिली जानकारी और परिजनों से प्राप्त जानकारी के आधार पर उसकी पहचान सुनिश्चित की गई।

पूछताछ में बोला- पुराना मामला याद नहीं

पुलिस के अनुसार पूछताछ के दौरान अशोक कुमार ने कहा कि उसे करीब 40 साल पुराने मामले के बारे में याद नहीं है। उसने कथित तौर पर यह भी कहा कि उसे यह याद नहीं आ रहा कि उसने किस युवती के साथ छेड़छाड़ की थी।

पुलिस ने बताया कि आरोपी को भूलने की समस्या होने की बात भी सामने आई है। हालांकि, पुराने स्थाई वारंट के आधार पर पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर अदालत के सामने पेश किया।

चार दशक बाद खत्म हुई तलाश

करीब चार दशक तक फरार रहे आरोपी की गिरफ्तारी पुलिस के लिए भी एक चुनौती रही होगी। समय के साथ ठिकाना बदलने और हुलिया बदल जाने के बावजूद आखिरकार मुखबिर की सूचना से पुलिस उस तक पहुंच गई।

यह मामला एक बार फिर बताता है कि अदालत की कार्रवाई से लंबे समय तक गैरहाजिर रहना किसी आरोपी को कानूनी प्रक्रिया से स्थायी रूप से बाहर नहीं कर देता। पुराने मामलों में भी पुलिस और अदालत की कार्रवाई आगे बढ़ सकती है।

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