राज्य

sassMP राज्यसभा चुनाव में क्रॉस वोटिंग पर सियासी घमासान

मध्य प्रदेश में राज्यसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक माहौल लगातार गर्म होता जा रहा है। मतदान की तारीख नजदीक आने के साथ ही भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। इस बीच नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के एक बयान ने सियासी तापमान और बढ़ा दिया है।

सिंघार ने दावा किया है कि राज्यसभा चुनाव में बीजेपी के कुछ विधायक कांग्रेस उम्मीदवार के पक्ष में क्रॉस वोटिंग कर सकते हैं।

कांग्रेस विधायकों को तोड़ने की कोशिश का आरोप

भोपाल में मीडिया से बातचीत करते हुए उमंग सिंघार ने आरोप लगाया कि कांग्रेस विधायकों को प्रभावित करने और उन्हें लालच देने की कोशिश की जा रही है। हालांकि उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस के सभी विधायक पूरी तरह एकजुट हैं और पार्टी के साथ मजबूती से खड़े हैं।

उन्होंने कहा कि चुनाव के दौरान विधायकों को किसी अन्य राज्य में ले जाना भारतीय राजनीति में नई बात नहीं है। उन्होंने महाराष्ट्र चुनाव का उदाहरण देते हुए कहा कि उस समय बीजेपी ने भी इसी तरह की रणनीति अपनाई थी।

क्रॉस वोटिंग का बड़ा दावा

सिंघार का सबसे चर्चित बयान वह रहा, जिसमें उन्होंने कहा कि कांग्रेस उम्मीदवार को 62 से अधिक वोट मिलने की संभावना है। उन्होंने दावा किया कि कुछ बीजेपी विधायक भी पार्टी लाइन से हटकर कांग्रेस प्रत्याशी के समर्थन में मतदान कर सकते हैं।

हालांकि इस दावे के समर्थन में उन्होंने कोई नाम या ठोस प्रमाण सार्वजनिक नहीं किया। इसके बावजूद उनके बयान ने राजनीतिक गलियारों में नई चर्चाओं को जन्म दे दिया है।

2028 विधानसभा चुनाव से जोड़ा चुनाव

नेता प्रतिपक्ष ने राज्यसभा चुनाव को केवल एक संसदीय प्रक्रिया मानने से इनकार किया। उनका कहना है कि यह चुनाव 2028 के विधानसभा चुनाव की राजनीतिक दिशा तय करने वाला साबित हो सकता है।

उन्होंने इसे कांग्रेस के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर बताते हुए कहा कि यह परिणाम पार्टी के मनोबल और भविष्य की रणनीति पर असर डाल सकता है।

बीजेपी पर महिला विरोधी सोच का आरोप

उमंग सिंघार ने बीजेपी पर महिला विरोधी सोच रखने का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि भाजपा नेताओं द्वारा कांग्रेस विधायकों से संपर्क साधने और उनके घरों तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है।

व्यंग्यात्मक अंदाज में उन्होंने कहा कि भाजपा के लोग “झोला लेकर” कांग्रेस विधायकों के पास जा रहे हैं, लेकिन उन्हें खाली हाथ लौटना पड़ रहा है।

किसके पक्ष में जाएगा राजनीतिक गणित?

राज्यसभा चुनाव में आमतौर पर संख्या बल सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है, लेकिन कई बार क्रॉस वोटिंग और राजनीतिक रणनीतियां परिणामों को रोचक बना देती हैं। ऐसे में उमंग सिंघार के दावे ने चुनाव को और दिलचस्प बना दिया है।

अब सभी की निगाहें 18 तारीख को होने वाले मतदान पर टिकी हैं। यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या कांग्रेस का दावा सही साबित होता है या बीजेपी अपने विधायकों को पूरी तरह एकजुट रखने में सफल रहती है। फिलहाल मध्य प्रदेश की राजनीति में राज्यसभा चुनाव चर्चा का सबसे बड़ा केंद्र बन चुका है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button