
भीमताल स्थित विकास भवन में मुख्य विकास अधिकारी की अध्यक्षता में शिक्षा विभाग की एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में सरकारी स्कूलों की कार्यप्रणाली को और अधिक सुदृढ़ बनाने पर विस्तार से चर्चा हुई और प्रशासन ने कई सख्त निर्देश जारी किए। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना अब प्राथमिकता होगी, ताकि छात्रों को बेहतर और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सके।
स्कूल निरीक्षण के लिए नई व्यवस्था लागू, हर महीने होगा अनिवार्य निरीक्षण
सीडीओ अरविंद पांडे ने बैठक में बताया कि सरकारी स्कूलों की निगरानी को मजबूत करने के लिए नई व्यवस्था लागू की गई है। इसके तहत सभी खंड और उप-शिक्षा अधिकारियों को रोस्टर के अनुसार हर महीने कम से कम 15 ग्राम पंचायतों के विद्यालयों का अनिवार्य निरीक्षण करना होगा। इस कदम का उद्देश्य स्कूलों की जमीनी हकीकत को समझना और समस्याओं का समय पर समाधान सुनिश्चित करना है।
डिजिटल ऐप से होगी रियल टाइम मॉनिटरिंग, सिस्टम होगा पारदर्शी
प्रशासन ने शिक्षा व्यवस्था को तकनीक से जोड़ते हुए एक डिजिटल ऐप का उपयोग शुरू करने का निर्णय लिया है। इस ऐप के माध्यम से सभी निरीक्षण और शैक्षणिक गतिविधियों की रियल टाइम ट्रैकिंग की जाएगी। इससे न केवल निगरानी प्रणाली मजबूत होगी, बल्कि किसी भी स्तर पर लापरवाही को तुरंत पकड़ा जा सकेगा। अधिकारियों ने इसे शिक्षा व्यवस्था में बड़ा सुधारात्मक कदम बताया है।

छात्रों के विकास पर फोकस, मिड-डे मील और शिक्षक व्यवहार पर जोर
बैठक में छात्रों के आत्मविश्वास और सीखने की क्षमता बढ़ाने पर भी विशेष जोर दिया गया। शिक्षकों को निर्देश दिए गए कि वे बच्चों के छोटे प्रयासों की सराहना करें और कमजोर छात्रों को अतिरिक्त शैक्षणिक सहायता प्रदान करें। साथ ही कक्षा में फ्रंट-टू-बैक रोटेशन व्यवस्था लागू करने को कहा गया है। मिड-डे मील की गुणवत्ता और शिक्षकों के व्यवहार को भी प्राथमिकता देते हुए एक समावेशी और प्रेरणादायक शैक्षिक माहौल तैयार करने पर बल दिया गया।
