
लगातार बढ़ते तापमान और हीटवेव के खतरे को देखते हुए सरकार ने सभी सरकारी और सहायता प्राप्त स्कूलों के लिए सख्त निर्देश जारी किए हैं। शिक्षा विभाग ने साफ कहा है कि बच्चों के लिए सुरक्षित, ठंडा और स्वास्थ्य के अनुकूल वातावरण हर हाल में सुनिश्चित किया जाए ताकि गर्मी का असर कम किया जा सके।
मिड डे मील योजना में जोड़ा गया सुरक्षा पहलू
मध्याह्न भोजन योजना को अब केवल पोषण तक सीमित नहीं रखा गया है, बल्कि इसे बच्चों की स्वास्थ्य सुरक्षा से भी जोड़ा गया है। निर्देश दिए गए हैं कि भोजन के साथ-साथ गर्मी से बचाव के उपायों को भी प्राथमिकता दी जाए, ताकि बच्चों पर हीटवेव का असर कम हो सके।
स्कूलों में मेडिकल सुविधा और दवाइयों की व्यवस्था
स्वास्थ्य विभाग को भी सक्रिय भूमिका में लाया गया है। सभी स्कूलों में ओआरएस, ग्लूकोज, इलेक्ट्रोलाइट्स, आयरन की गोलियां और फर्स्ट एड किट की उपलब्धता अनिवार्य कर दी गई है। बच्चों को उम्र के अनुसार आयरन सप्लीमेंट देने की व्यवस्था भी लागू की जा रही है।
छात्रों और अभिभावकों के लिए एडवाइजरी जारी
सरकार ने स्कूल स्टाफ को विशेष प्रशिक्षण देने के निर्देश दिए हैं ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जा सके। साथ ही छात्रों और अभिभावकों से अपील की गई है कि वे दोपहर 12 से 3 बजे तक धूप से बचें, पर्याप्त पानी पिएं, हल्के कपड़े पहनें और किसी भी स्वास्थ्य समस्या पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।
