जीतन राम मांझी ने बताया शिक्षा का महत्व, जीवन से साझा किया अनुभव

बिहार के प्रखंड क्षेत्र के बेरी पंचायत अंतर्गत पूरन बिगहा गांव में हाल ही में लगी भीषण आग से प्रभावित परिवारों से मिलने रविवार को केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी पहुंचे। आग की घटना में कई घर जलकर राख हो गए थे, जिससे ग्रामीणों को भारी नुकसान हुआ है। मंत्री ने मौके पर पहुंचकर पीड़ित परिवारों से मुलाकात की और उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुना। उन्होंने प्रशासन को राहत कार्य तेज करने के निर्देश देने की बात भी कही।
ग्रामीणों से बातचीत में शिक्षा पर दिया जोर
इस दौरान केंद्रीय मंत्री ने ग्रामीणों को संबोधित करते हुए शिक्षा के महत्व पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि जब तक समाज में शिक्षा का प्रसार नहीं होगा, तब तक लोग अपने अधिकारों को समझ और प्राप्त नहीं कर पाएंगे। मंत्री ने सभी माता-पिता से अपील की कि वे अपने बच्चों को नियमित रूप से स्कूल भेजें। उन्होंने कहा कि बेटा और बेटी दोनों की शिक्षा ही समाज के विकास की असली कुंजी है।

अपने जीवन का उदाहरण देकर किया प्रेरित
मांझी ने भावुक अंदाज में अपने जीवन का उदाहरण साझा करते हुए कहा कि कठिन परिस्थितियों के बावजूद उनके पिता ने उन्हें पढ़ने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने बताया कि लोग ताने मारते थे लेकिन उनके पिता ने किसी की बात पर ध्यान नहीं दिया और उन्हें पढ़ाया। मंत्री ने कहा कि आज वह जिस स्थिति में हैं, वह केवल शिक्षा की बदौलत संभव हुआ है। उन्होंने यह भी कहा कि शिक्षा इंसान को छोटे पद से उठाकर बड़े दायित्व तक पहुंचा सकती है।
प्रशासन की सक्रियता और राहत कार्यों की सराहना
मंत्री ने कहा कि उनके गांव आने की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन सक्रिय हो गया है और राहत कार्यों में तेजी लाई गई है। उन्होंने जिला प्रशासन और डीएम अभिलाषा शर्मा के कार्यों की सराहना की। मौके पर एसडीएम, बीडीओ, सीओ सहित कई प्रशासनिक अधिकारी और पुलिस बल मौजूद रहे। ग्रामीणों ने भी प्रशासन से जल्द पुनर्वास और सहायता की मांग की है ताकि प्रभावित परिवारों का जीवन फिर से सामान्य हो सके।
