
हरियाणा का कुख्यात गैंगस्टर Abhay Rana आखिरकार भारत की एजेंसियों की संयुक्त कार्रवाई के बाद पुर्तगाल से प्रत्यर्पित कर लिया गया है। यह कार्रवाई भारत सरकार और पुर्तगाल की एजेंसियों के बीच लंबी कानूनी प्रक्रिया के बाद पूरी हुई। लिस्बन स्थित भारतीय दूतावास ने इसकी आधिकारिक पुष्टि करते हुए बताया कि यह कदम इंटरपोल के रेड कॉर्नर नोटिस और दोनों देशों के बीच प्रत्यर्पण संधि के तहत उठाया गया। अब आरोपी को भारतीय अदालतों में पेश कर उसके खिलाफ मुकदमा चलाया जाएगा।
रेड कॉर्नर नोटिस के बाद ट्रैक हुआ आरोपी, इंटरपोल की भूमिका अहम
जांच एजेंसियों के अनुसार अभय राणा हरियाणा के कई गंभीर आपराधिक मामलों में वांछित था और उसके खिलाफ इंटरपोल ने रेड नोटिस जारी किया हुआ था। इस नोटिस के आधार पर पुर्तगाल की एजेंसियों ने उसकी लोकेशन ट्रैक कर उसे गिरफ्तार किया। इसके बाद भारत की ओर से औपचारिक प्रत्यर्पण अनुरोध भेजा गया। लंबी कानूनी प्रक्रिया और दस्तावेजी कार्रवाई पूरी होने के बाद पुर्तगाल ने उसे भारत को सौंपने की मंजूरी दी। इस पूरी प्रक्रिया में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर समन्वय की अहम भूमिका रही।

रंगदारी, हत्या की कोशिश और गैंग चलाने के गंभीर आरोप
Abhay Rana पर रंगदारी वसूली, आपराधिक धमकी, हत्या के प्रयास और संगठित अपराध सिंडिकेट चलाने जैसे गंभीर आरोप हैं। हरियाणा पुलिस की जांच में सामने आया था कि उसका गिरोह सोशल मीडिया और व्हाट्सऐप कॉल के जरिए कारोबारियों को धमकाकर फिरौती मांगता था। मांग पूरी न होने पर गैंग के सदस्य हमले तक कर देते थे। करनाल को इस गैंग का मुख्य केंद्र बताया जा रहा है जहां उसके खिलाफ सबसे मजबूत केस दर्ज है।
CBI, in coordination with MEA and MHA, has successfully secured the extradition of Red Notice subject Abhay alias Abhay Rana from Portugal to India on 09.05.2026.
He was wanted by Haryana Police in a number of criminal cases registered in Haryana, involving offences such as… pic.twitter.com/OwAiROQG4Y
— ANI (@ANI) May 9, 2026
CBI और हरियाणा पुलिस की संयुक्त कार्रवाई से भारत वापसी
शनिवार को सीबीआई और हरियाणा पुलिस की विशेष टीम आरोपी को लेकर दिल्ली पहुंची। इससे पहले हरियाणा पुलिस की एस्कॉर्ट टीम पुर्तगाल भेजी गई थी जिसने आरोपी को अपने कब्जे में लिया। विदेश मंत्रालय, गृह मंत्रालय, सीबीआई और लिस्बन स्थित भारतीय दूतावास की समन्वित कार्रवाई से यह ऑपरेशन सफल हुआ। भारत सरकार ने इस प्रत्यर्पण को विदेशों में छिपे अपराधियों के खिलाफ चल रही बड़ी मुहिम में महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया है। अब आरोपी को भारतीय अदालतों में पेश कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
