
केंद्रीय पंचायतीराज मंत्री एसपी सिंह बघेल ने पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन के बाद बड़ा राजनीतिक बयान दिया है। उन्होंने कहा कि भाजपा की सरकार बनने के साथ ही राज्य में कथित फासिस्टवाद का अंत हुआ है और अब एक नई विचारधारा के साथ पश्चिम बंगाल आगे बढ़ेगा। उनके अनुसार यह बदलाव केवल राजनीतिक नहीं बल्कि सामाजिक और प्रशासनिक सुधार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इस बयान के बाद राज्य की राजनीति में नई बहस शुरू हो गई है।
अखिलेश यादव की ममता बनर्जी से मुलाकात पर तंज
एसपी सिंह बघेल ने समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव की पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से मुलाकात पर तीखा तंज कसा। उन्होंने कहा कि यह मुलाकात यूपी की राजनीति में संभावनाएं तलाशने के लिए की गई थी, लेकिन वहां ऐसी कोई संभावना नहीं है। बघेल ने दावा किया कि 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में भाजपा एक बार फिर मजबूत बहुमत के साथ सरकार बनाएगी और विपक्ष के प्रयास विफल रहेंगे। उनके इस बयान से राजनीतिक हलचल तेज हो गई है।

बंगाल की राजनीति और विपक्ष पर सीधा हमला
बघेल ने पश्चिम बंगाल को महान सांस्कृतिक परंपराओं की धरती बताते हुए कहा कि यहां पहले बामपंथियों का शासन रहा और बाद में वही विचारधारा टीएमसी के साथ जुड़ गई। उन्होंने आरोप लगाया कि जनता अब बदलाव चाहती है और जल्द ही मजदूर और किसान अपने कार्यों में लौटते नजर आएंगे। उन्होंने कहा कि अब राज्य में विकास योजनाएं जैसे मुफ्त राशन और आयुष्मान भारत जैसी योजनाएं तेजी से लागू होंगी, जिससे जनता को सीधा लाभ मिलेगा।
राष्ट्रीय राजनीति पर विपक्ष और सरकार का टकराव
एसपी सिंह बघेल ने कांग्रेस और आम आदमी पार्टी पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस राहुल गांधी के नेतृत्व में लगातार कमजोर होती जा रही है और अरविंद केजरीवाल भ्रष्टाचार के आरोपों के बीच सत्ता की राजनीति कर रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि हालिया राजनीतिक जीत का श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह की रणनीति को जाता है। इस बयान के बाद राष्ट्रीय राजनीति में सत्ता और विपक्ष के बीच बयानबाजी और तेज हो गई है।
