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मनोज झा ने उठाए बड़े सवाल, चुनाव में हजारों करोड़ खर्च हुए अब जनता से बचत क्यों मांग रही है सरकार

प्रधानमंत्री Narendra Modi द्वारा देशवासियों से एक साल तक सोना नहीं खरीदने और खर्चों में कटौती करने की अपील के बाद राजनीतिक माहौल लगातार गर्म होता जा रहा है। विपक्षी दल इस बयान को लेकर केंद्र सरकार पर लगातार हमले कर रहे हैं। सोमवार 11 मई 2026 को आरजेडी सांसद Manoj Jha ने प्रधानमंत्री मोदी पर बड़ा निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जब सरकार को जरूरी कदम उठाने चाहिए थे तब वह चुनाव प्रचार में व्यस्त थी। मनोज झा ने आरोप लगाया कि सरकार जनता को संयम और बचत की सलाह दे रही है लेकिन खुद चुनावों में हजारों करोड़ रुपये खर्च किए गए। उन्होंने कहा कि पिछले एक सप्ताह से अखबारों में बड़े बड़े सरकारी विज्ञापन छप रहे हैं और यह पैसा प्रधानमंत्री का नहीं बल्कि जनता का है। मनोज झा ने कहा कि देश संकट के समय हमेशा सरकार का साथ देता है जैसा कोविड के दौरान भी हुआ था लेकिन सरकार अपनी जिम्मेदारियों से बार बार चूकती रही है। उनके इस बयान के बाद राजनीतिक बहस और तेज हो गई है।

कोविड से लेकर अब तक के फैसलों पर उठे सवाल

मनोज झा ने प्रधानमंत्री की अपील पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि देश हर मुश्किल समय में त्याग करने के लिए तैयार रहता है लेकिन सरकार को भी अपनी जिम्मेदारी निभानी चाहिए। उन्होंने कहा कि कोविड महामारी के दौरान भी लोगों ने सरकार की हर अपील मानी थी लेकिन कई फैसलों पर बाद में सवाल उठे। अब एक बार फिर सरकार जनता से खर्च कम करने और सोना नहीं खरीदने की बात कर रही है जिससे लोगों के मन में आर्थिक स्थिति को लेकर चिंता बढ़ रही है। विपक्ष का आरोप है कि अगर देश की अर्थव्यवस्था मजबूत है तो फिर आम नागरिकों से इतनी बड़ी कटौती करने की अपील क्यों की जा रही है। मनोज झा ने यह भी कहा कि सरकार को साफ साफ बताना चाहिए कि आखिर देश की वास्तविक आर्थिक स्थिति क्या है और जनता से त्याग की जरूरत क्यों पड़ रही है। सोशल मीडिया पर भी इस बयान को लेकर तीखी बहस देखने को मिल रही है।

मनोज झा ने उठाए बड़े सवाल, चुनाव में हजारों करोड़ खर्च हुए अब जनता से बचत क्यों मांग रही है सरकार

कांग्रेस नेता राजेश राठौर ने भी बोला हमला

उधर बिहार कांग्रेस के नेता Rajesh Rathore ने भी प्रधानमंत्री मोदी पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि नरेंद्र मोदी ऐसे प्रधानमंत्री बन गए हैं जिन्हें जनता से सब कुछ चाहिए लेकिन बदले में जनता को कुछ नहीं दिया जा रहा। राजेश राठौर ने नोटबंदी का जिक्र करते हुए कहा कि उस दौरान लोगों को घंटों लाइनों में खड़ा रहना पड़ा और कई लोगों की जान तक चली गई। उन्होंने कहा कि कोरोना काल में भी सरकार ने लोगों को ताली और थाली बजाने की सलाह दी लेकिन महामारी से निपटने के लिए ठोस कदम नहीं उठाए गए। अब सरकार लोगों से सोना नहीं खरीदने और तेल कम इस्तेमाल करने की अपील कर रही है। राजेश राठौर ने तंज कसते हुए कहा कि प्रधानमंत्री कहते हैं देश में तेल का कुआं नहीं है लेकिन पिछले बारह वर्षों में विकास की जगह केवल विनाश का गड्ढा खोदा गया है। उनके इस बयान ने बिहार की राजनीति में भी नई चर्चा छेड़ दी है।

विपक्षी हमलों के बीच बढ़ी राजनीतिक हलचल

प्रधानमंत्री मोदी की हालिया अपील अब राष्ट्रीय राजनीति का बड़ा मुद्दा बन चुकी है। कांग्रेस आरजेडी और आम आदमी पार्टी समेत कई विपक्षी दल लगातार सरकार पर सवाल उठा रहे हैं। विपक्ष का कहना है कि जनता से बचत और त्याग की अपील तभी की जाती है जब आर्थिक हालात गंभीर हों। वहीं बीजेपी नेताओं का कहना है कि प्रधानमंत्री ने केवल जिम्मेदार खर्च और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने की बात कही है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले दिनों में यह मुद्दा संसद और चुनावी सभाओं में और ज्यादा गूंज सकता है। फिलहाल जनता के बीच भी यह सवाल तेजी से उठ रहा है कि क्या सरकार किसी बड़े आर्थिक दबाव का संकेत दे रही है या यह केवल एहतियात के तौर पर दी गई सलाह है।

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