पंजाब नगर निकाय चुनावों की तारीख तय होते ही राजनीतिक गलियारों में बढ़ी हलचल

Punjab में नगर निगम और नगर परिषद चुनावों को लेकर राजनीतिक माहौल तेजी से गर्म हो गया है। राज्य चुनाव आयोग द्वारा चुनाव कार्यक्रम जारी किए जाने के बाद सभी प्रमुख राजनीतिक दलों ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। चुनाव प्रक्रिया का सबसे अहम दिन 26 मई तय किया गया है जब राज्य के विभिन्न शहरी निकायों में मतदान कराया जाएगा। मतदान सुबह 8 बजे से शाम 5 बजे तक चलेगा। चुनावी तारीखों की घोषणा के साथ ही आम आदमी पार्टी कांग्रेस बीजेपी और शिरोमणि अकाली दल समेत सभी दलों ने शहरी वोटरों को अपने पक्ष में करने के लिए रणनीति बनानी शुरू कर दी है। कई इलाकों में टिकट वितरण को लेकर दलों के भीतर खींचतान भी बढ़ती दिखाई दे रही है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह चुनाव आने वाले बड़े राजनीतिक मुकाबलों से पहले जनता के मूड का बड़ा संकेत साबित हो सकता है।
नामांकन जांच और वापसी की तारीखों पर टिकी निगाहें
राज्य चुनाव आयोग के कार्यक्रम के अनुसार नामांकन प्रक्रिया पूरी होने के बाद 18 मई को नामांकन पत्रों की जांच की जाएगी। इसी दौरान उम्मीदवारों के दस्तावेजों और पात्रता की जांच होगी और यह तय किया जाएगा कि किसका नामांकन वैध रहेगा। यदि किसी उम्मीदवार के नामांकन को लेकर कोई आपत्ति सामने आती है तो उसकी सुनवाई संबंधित रिटर्निंग अधिकारी द्वारा की जाएगी। आयोग ने साफ किया है कि पूरी जांच प्रक्रिया चुनावी नियमों के तहत पूरी पारदर्शिता के साथ कराई जाएगी। इसके बाद 19 मई को नाम वापस लेने की अंतिम तारीख रखी गई है। इसी दिन चुनावी तस्वीर पूरी तरह साफ हो जाएगी और यह पता चल सकेगा कि किस वार्ड में मुकाबला कितना दिलचस्प और कड़ा रहने वाला है। कई स्थानों पर बगावती उम्मीदवारों और टिकट नहीं मिलने से नाराज नेताओं के कारण मुकाबला और भी रोचक बनता दिखाई दे रहा है।

29 मई को आएंगे नतीजे और साफ होगी राजनीतिक तस्वीर
चुनाव परिणामों का ऐलान 29 मई को किया जाएगा। मतगणना पूरी होने के बाद यह साफ हो जाएगा कि पंजाब के शहरी क्षेत्रों में किस राजनीतिक दल की पकड़ मजबूत हुई है। Aam Aadmi Party की सरकार अपने विकास कार्यों और योजनाओं को चुनावी मुद्दा बना रही है जबकि विपक्षी दल सरकार की नीतियों को लेकर सवाल उठा रहे हैं। कांग्रेस और बीजेपी शहरी मतदाताओं को आकर्षित करने के लिए स्थानीय मुद्दों को प्रमुखता से उठा रही हैं। वहीं Shiromani Akali Dal भी अपनी पुरानी पकड़ मजबूत करने में जुटी हुई है। राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि इन चुनावों के नतीजे भविष्य की राजनीति पर भी असर डाल सकते हैं। खासतौर पर शहरी क्षेत्रों में जनता किस पार्टी के साथ खड़ी नजर आती है इस पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।
होशियारपुर नगर निगम चुनाव स्थगित होने से बढ़ी चर्चा
इसी बीच Hoshiarpur नगर निगम चुनाव को लेकर बड़ा फैसला सामने आया है। राज्य चुनाव आयोग ने फिलहाल होशियारपुर नगर निगम के चुनाव स्थगित कर दिए हैं। आयोग ने होशियारपुर के डिप्टी कमिश्नर को मतदाता सूचियों को नए सिरे से तैयार करने के निर्देश दिए हैं। जानकारी के मुताबिक मतदाता सूची में तकनीकी गड़बड़ियों और आपत्तियों को लेकर आयोग को कई शिकायतें मिली थीं। इसके बाद आयोग ने मौजूदा मतदाता सूची की समीक्षा की और नई सूची तैयार कराने का फैसला लिया। आयोग का कहना है कि निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव के लिए सही मतदाता सूची बेहद जरूरी है। इस फैसले के बाद होशियारपुर की राजनीति में हलचल बढ़ गई है और सभी दल अब नई मतदाता सूची पर नजर बनाए हुए हैं।
