
Mohan Yadav ने कहा है कि नए दौर में अपराध और अपराधियों के तरीके तेजी से बदल रहे हैं लेकिन Madhya Pradesh Police हर चुनौती से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है। मुख्यमंत्री ने यह बात भोपाल के Ravindra Bhavan में आयोजित केएफ रूस्तमजी पुरस्कार वितरण समारोह में कही। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश पुलिस डिजिटल और साइबर अपराधों से भी पूरी दक्षता के साथ मुकाबला कर रही है। पुलिस विभाग ने कानून व्यवस्था बनाए रखते हुए अपने अनुशासन और साहस से अलग पहचान बनाई है। कार्यक्रम के दौरान पुलिस महानिदेशक Kailash Makwana ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया। अश्वरोही दल ने भी विशेष अंदाज में उनका अभिनंदन किया और मुख्यमंत्री को गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। समारोह में मुख्यमंत्री ने वर्ष 2019-20 और 2021-22 के तहत परम विशिष्ट अति विशिष्ट और विशिष्ट श्रेणी के पुरस्कार प्रदान किए।
नक्सलवाद के खात्मे को बताया बड़ी उपलब्धि
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि केएफ रूस्तमजी ने जिस तरह प्रदेश से दस्यु समस्या खत्म करने का अभियान चलाया था उसी राह पर आगे बढ़ते हुए मध्यप्रदेश अब नक्सलवाद से पूरी तरह मुक्त हो चुका है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री Narendra Modi और केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah के नेतृत्व में देश तेजी से बदल रहा है। उन्होंने कहा कि 35 वर्षों तक नक्सलवाद देश के लिए गंभीर समस्या बना रहा लेकिन अब भारत के सभी राज्य लाल सलाम को आखिरी सलाम करते हुए नक्सलवाद से मुक्त हो चुके हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि नक्सलवाद और आतंकवाद के जरिए लोगों में डर फैलाया जाता था और मध्यप्रदेश में एक मंत्री की हत्या तक कर दी गई थी। उन्होंने कहा कि यह जीत केवल सुरक्षा बलों की नहीं बल्कि पूरे देश की जीत है। सीएम ने यह भी कहा कि संगठित अपराधों से निपटने के लिए सरकार सुनियोजित रणनीति पर काम कर रही है और आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल लगातार बढ़ाया जा रहा है।
पुलिसकर्मियों की सुविधाओं और भर्ती पर सरकार का फोकस
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पुलिसकर्मी कठिन परिस्थितियों में अपनी जिम्मेदारी निभाते हैं इसलिए उनकी सुविधाओं और जरूरतों का ध्यान रखना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने पुलिस विभाग में 22 हजार 500 भर्तियों का लक्ष्य रखा था और आने वाले समय में इसे पूरा करने के लिए नई भर्ती प्रक्रिया शुरू की जाएगी। वर्ष 2026 में सब इंस्पेक्टर से लेकर अन्य पुलिसकर्मियों की भर्ती की तैयारी शुरू होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिस विभाग के लिए पुलिस बैंड तक की भर्ती निकाली गई है। सरकार पुलिसकर्मियों के लिए आवास उपलब्ध कराने और उनकी सुख सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि पुलिस विभाग राज्य सरकार के परिवार का हिस्सा है और उनकी चिंता करना सरकार का दायित्व है। इस दौरान उन्होंने 101 पुलिसकर्मियों को केएफ रूस्तमजी पुरस्कार देकर सम्मानित किया।
सिंहस्थ 2028 और नई तैयारियों पर भी हुआ बड़ा ऐलान
कार्यक्रम में पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाना ने कहा कि मुख्यमंत्री मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश पुलिस ने कई बड़ी उपलब्धियां हासिल की हैं। उन्होंने बताया कि प्रदेश को 11 दिसंबर 2025 को नक्सलवाद से मुक्त घोषित किया गया था जो पुलिस विभाग के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि रही। उन्होंने कहा कि डायल 112 सेवा का प्रभावी संचालन किया जा रहा है और पिछले वर्ष साढ़े आठ हजार पदों पर भर्ती को मंजूरी मिली थी। कॉन्स्टेबल भर्ती प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और नए जवानों को ज्वाइनिंग दी जा रही है। उन्होंने यह भी कहा कि वर्ष 2026 में पुलिस बल में 10 हजार नए पदों पर भर्ती की मंजूरी जल्द मिलने की संभावना है। सिंहस्थ 2028 को लेकर भी पुलिस विभाग ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। इसके लिए पुलिस बल को विशेष प्रशिक्षण देकर जमीनी स्तर पर तैनात किया जाएगा ताकि आयोजन को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाया जा सके।
