
हरियाणा में पहली बार कैबिनेट बैठक राजधानी चंडीगढ़ से बाहर दिल्ली से सटे गुरुग्राम में आयोजित की गई। साइबर सिटी के लघु सचिवालय परिसर में हुई इस बैठक को लेकर प्रशासन ने सुरक्षा के व्यापक और पुख्ता इंतज़ाम किए थे। आमतौर पर कैबिनेट बैठकें चंडीगढ़ स्थित सिविल सचिवालय में होती हैं, लेकिन इस बार दिल्ली के उद्यमियों के साथ प्रस्तावित संवाद कार्यक्रम को ध्यान में रखते हुए इसे गुरुग्राम में रखा गया। इस बदलाव को प्रशासनिक दृष्टि से एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
27 अप्रैल को होगा हरियाणा विधानसभा का विशेष सत्र
कैबिनेट बैठक के बाद आयोजित प्रेस वार्ता में बड़ा फैसला सामने आया कि हरियाणा विधानसभा का एक दिवसीय विशेष सत्र 27 अप्रैल को बुलाया जाएगा। इस विशेष सत्र में कई महत्वपूर्ण विधेयक और नीतिगत फैसलों पर चर्चा की जाएगी। खास बात यह है कि हरियाणा क्लेरिकल सर्विस बिल 2026 भी इसी सत्र में पेश किया जाएगा। सरकार का मानना है कि इस बिल से प्रशासनिक ढांचे में सुधार और भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ेगी। इस फैसले को राज्य की विधायी प्रक्रिया में तेजी लाने के संकेत के रूप में देखा जा रहा है।

ग्रुप डी कर्मचारियों के प्रमोशन नियमों पर सहमति
कैबिनेट बैठक में ग्रुप डी कर्मचारियों के लिए भी बड़ा निर्णय लिया गया। हरियाणा के कॉमन कैडर में कार्यरत ग्रुप डी कर्मचारियों के प्रमोशन के लिए नए नियम बनाने पर सहमति बनी है। तय किया गया है कि जिन कर्मचारियों ने पांच वर्ष से अधिक सेवा पूरी कर ली है, वे क्लर्क पद पर प्रमोशन के लिए पात्र होंगे। इसके साथ ही क्लर्क पद पर ग्रुप डी से प्रमोशन का कोटा 20 प्रतिशत से बढ़ाकर 30 प्रतिशत करने का प्रस्ताव भी मंजूर किया गया। साथ ही 5 प्रतिशत एक्स ग्रेशिया पद की अनिवार्यता भी नियमों में शामिल की गई है।
मुख्यमंत्री सैनी ने विपक्ष पर साधा राजनीतिक निशाना
बैठक के बाद मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने प्रेस वार्ता में विपक्ष पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि हाल ही में संसद में हुई घटनाओं ने विपक्ष का असली चेहरा देश के सामने उजागर कर दिया है। मुख्यमंत्री ने विपक्ष को महिला विरोधी और सत्ता का लोभी करार देते हुए कहा कि उन्होंने महिलाओं को केवल वोट बैंक के रूप में देखा है। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य महिलाओं को निर्णय प्रक्रिया में वास्तविक भागीदारी देना है, जो उनका अधिकार है। साथ ही उन्होंने विपक्ष द्वारा फैलाए गए परिसीमन से जुड़े कथित भ्रम को भी खारिज किया।
