ऑनलाइन शॉपिंग करने वाले हो जाएं सावधान! पार्सल बॉक्स से चुराई जा रही आपकी जानकारी, ऐसे रचा जा रहा साइबर ठगी का नया जाल

ऑनलाइन शॉपिंग का बढ़ता चलन लोगों की सुविधा तो बढ़ा रहा है, लेकिन इसके साथ साइबर अपराधियों ने ठगी का नया तरीका भी खोज लिया है। अब इस्तेमाल किए गए पार्सल बॉक्स पर लगे शिपिंग लेबल के जरिए ठग लोगों का नाम, मोबाइल नंबर, पता और अन्य निजी जानकारी जुटाकर उन्हें निशाना बना रहे हैं। फतेहाबाद पुलिस ने नागरिकों से विशेष सतर्कता बरतने और पार्सल बॉक्स को फेंकने से पहले उस पर लगी व्यक्तिगत जानकारी पूरी तरह नष्ट करने की अपील की है।
शिपिंग लेबल से जुटाई जा रही निजी जानकारी
पुलिस के अनुसार, साइबर अपराधी कूड़ेदान और कबाड़ से ऑनलाइन शॉपिंग कंपनियों के पार्सल बॉक्स एकत्र करते हैं। इन बॉक्सों पर लगे शिपिंग लेबल में उपभोक्ता का नाम, मोबाइल नंबर, पता और कई बार ई-मेल जैसी जानकारी भी दर्ज होती है। इसी जानकारी के आधार पर ठग खुद को ई-कॉमर्स कंपनी या डिलीवरी एजेंसी का कर्मचारी बताकर लोगों का भरोसा जीतने की कोशिश करते हैं।

कैशबैक और गिफ्ट वाउचर के नाम पर ठगी
साइबर अपराधी फोन कॉल, एसएमएस या मैसेज के जरिए कैशबैक, लॉयल्टी रिवार्ड, गिफ्ट वाउचर और विशेष ऑफर का लालच देते हैं। इसके बाद वे फर्जी लिंक भेजते हैं या बैंक खाता, डेबिट कार्ड, सीवीवी और ओटीपी जैसी गोपनीय जानकारी मांगते हैं। कई मामलों में लोगों से अज्ञात मोबाइल एप डाउनलोड करवा लिया जाता है, जिससे मोबाइल में मैलवेयर इंस्टॉल होकर बैंक खाते तक पहुंच बनाई जा सकती है।
पुलिस ने बताए बचाव के आसान उपाय
फतेहाबाद पुलिस ने सलाह दी है कि ऑनलाइन शॉपिंग के बाद पार्सल बॉक्स को सीधे कूड़ेदान में न फेंकें। सबसे पहले उस पर लगे शिपिंग लेबल को पूरी तरह फाड़ दें या नष्ट कर दें। इसके अलावा किसी भी संदिग्ध लिंक पर क्लिक न करें, बैंकिंग जानकारी साझा न करें और किसी अनजान व्यक्ति के कहने पर मोबाइल में कोई एप डाउनलोड न करें।
ठगी होने पर तुरंत करें शिकायत
यदि कोई व्यक्ति इस तरह की साइबर ठगी का शिकार हो जाता है, तो उसे बिना देरी किए नजदीकी पुलिस थाना, साइबर सेल या राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज करानी चाहिए। फतेहाबाद की एसपी निकिता खट्टर ने कहा कि साइबर अपराधी लगातार नए तरीके अपना रहे हैं, इसलिए नागरिकों की जागरूकता ही सबसे प्रभावी सुरक्षा है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि ऐसे मामलों में शामिल आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
ऑनलाइन शॉपिंग के बाद पार्सल बॉक्स को लापरवाही से फेंकना आपकी निजी जानकारी को साइबर अपराधियों तक पहुंचा सकता है। थोड़ी-सी सावधानी, जैसे शिपिंग लेबल नष्ट करना और संदिग्ध कॉल या लिंक से बचना, आपको बड़े आर्थिक नुकसान से बचा सकती है। डिजिटल युग में सतर्कता ही साइबर सुरक्षा की सबसे मजबूत ढाल है।
