
NEET UG 2026 परीक्षा पेपर लीक के आरोपों के बाद रद्द किए जाने से देशभर में राजनीतिक माहौल गरमा गया है। लाखों छात्रों और अभिभावकों के बीच बढ़ती चिंता के बीच अब राजनीतिक दल भी आमने-सामने आ गए हैं। Sanjay Saraogi ने कहा कि बच्चों के भविष्य के साथ किसी भी कीमत पर खिलवाड़ नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए परीक्षा रद्द कर जांच के आदेश दिए गए हैं और कई लोगों की गिरफ्तारी भी हो चुकी है। उनके अनुसार केंद्र सरकार इस पूरे मामले पर कड़ी नजर बनाए हुए है और दोषियों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा।
केजरीवाल और विपक्ष पर बीजेपी का पलटवार
विपक्षी नेताओं द्वारा केंद्र सरकार पर सवाल उठाए जाने के बाद बीजेपी ने भी तीखी प्रतिक्रिया दी है। Arvind Kejriwal और अन्य विपक्षी नेताओं के बयानों पर जवाब देते हुए संजय सरावगी ने कहा कि जनता पहले ही ऐसे नेताओं को जवाब दे चुकी है। उन्होंने दावा किया कि प्रधानमंत्री Narendra Modi की सरकार में किसी दोषी को छोड़ा नहीं जाएगा और पूरी पारदर्शिता के साथ जांच की जा रही है। सरावगी ने कहा कि विपक्ष केवल राजनीतिक बयानबाजी कर रहा है जबकि सरकार कार्रवाई पर ध्यान दे रही है। उन्होंने यह भी कहा कि छात्रों के हितों की रक्षा सरकार की प्राथमिकता है और दोषियों पर सख्त कार्रवाई तय है।

कांग्रेस ने सरकार की कार्यशैली पर उठाए गंभीर सवाल
वहीं Akhilesh Prasad Singh ने केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि यह संवेदनहीनता की पराकाष्ठा है और सरकार को छात्रों के भविष्य की कोई चिंता नहीं है। उनके अनुसार यह पहली बार नहीं है जब किसी बड़ी परीक्षा का पेपर लीक हुआ हो। उन्होंने कहा कि लगातार हो रही ऐसी घटनाएं शिक्षा व्यवस्था की कमजोरियों को उजागर करती हैं। कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री लंबे भाषण तो देते हैं लेकिन शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे अहम क्षेत्रों में हो रही गड़बड़ियों पर ठोस कार्रवाई नजर नहीं आती। उन्होंने कहा कि बार-बार परीक्षा रद्द होने से छात्रों का मानसिक और आर्थिक नुकसान हो रहा है।
छात्रों के भविष्य और परीक्षा प्रणाली पर उठे बड़े सवाल
NEET UG 2026 विवाद ने देश की परीक्षा प्रणाली और उसकी विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। लाखों छात्रों को अब दोबारा परीक्षा की तैयारी करनी होगी, जिससे उन पर अतिरिक्त मानसिक दबाव बढ़ेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि लगातार पेपर लीक की घटनाएं शिक्षा व्यवस्था में बड़े सुधार की मांग कर रही हैं। इस मामले ने प्रशासनिक जवाबदेही, तकनीकी सुरक्षा और परीक्षा संचालन की पारदर्शिता को राष्ट्रीय बहस का मुद्दा बना दिया है। अब छात्रों और अभिभावकों की नजर सरकार की जांच प्रक्रिया और आगामी फैसलों पर टिकी हुई है।
