Faridabad Elevated Road Project: ग्रेटर फरीदाबाद से गुरुग्राम तक बनेगा 7 KM डबल डेकर एलिवेटेड रोड, ऊपर दौड़ेगी नमो भारत

ग्रेटर फरीदाबाद को शहर के दूसरे हिस्सों और गुरुग्राम से बेहतर कनेक्टिविटी देने के लिए करीब 7 किलोमीटर लंबे डबल डेकर एलिवेटेड रोड की योजना सामने आई है। प्रस्तावित ढांचे में नीचे वाहनों की आवाजाही और ऊपर नमो भारत रैपिड रेल चलाने की योजना है।
7 किलोमीटर का होगा डबल डेकर एलिवेटेड रोड
फरीदाबाद में पूर्व-पश्चिम कनेक्टिविटी को मजबूत करने के लिए करीब 7 किलोमीटर लंबा एलिवेटेड रोड प्रस्तावित है। फरीदाबाद महानगर विकास प्राधिकरण (FMDA) के ईस्ट-वेस्ट प्रोजेक्ट के तहत इस कॉरिडोर को विकसित करने की तैयारी है।
मौजूदा योजना के मुताबिक एक ही संरचना पर दो स्तर बनाए जाने की बात है। नीचे सड़क पर वाहन चलेंगे, जबकि ऊपर नमो भारत रैपिड रेल के संचालन की योजना है। रिपोर्ट के मुताबिक इस परियोजना के एक रूट के लिए अगले सप्ताह टेंडर जारी करने की तैयारी है।
रेलवे लाइन और हाईवे की वजह से बनी कनेक्टिविटी की चुनौती
ग्रेटर फरीदाबाद को एनआईटी क्षेत्र और सैनिक कॉलोनी की तरफ से सीधे जोड़ने में रेलवे लाइन और राष्ट्रीय राजमार्ग जैसी बड़ी बाधाएं हैं। वर्तमान में एनआईटी क्षेत्र के लोगों को सेक्टर-12 और ओल्ड फरीदाबाद की तरफ जाने के लिए नीलम और बाटा रेलवे ओवरब्रिज जैसे रास्तों का इस्तेमाल करना पड़ता है।
प्रस्तावित ईस्ट-वेस्ट कनेक्टिविटी का उद्देश्य इन हिस्सों के बीच सीधा और बेहतर संपर्क तैयार करना है, जिससे मौजूदा मार्गों पर यातायात का दबाव कम करने में मदद मिल सके।

सैनिक कॉलोनी से दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे तक कनेक्शन
प्रस्तावित एलिवेटेड कॉरिडोर सैनिक कॉलोनी की तरफ से शुरू होकर मस्जिद चौक, प्याली-हार्डवेयर चौक और बाटा रेलवे पुल के रास्ते कोर्ट रोड होते हुए दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे से जुड़ने की योजना में है।
इससे ग्रेटर फरीदाबाद की तरफ रहने वाले लोगों को शहर के पश्चिमी हिस्सों और गुरुग्राम रोड की ओर आने-जाने के लिए वैकल्पिक कनेक्टिविटी मिल सकती है।
एक ही पिलर पर सड़क और नमो भारत की योजना
इस परियोजना की खास बात यह है कि एलिवेटेड रोड और नमो भारत कॉरिडोर के लिए एक ही रूट पर संरचना तैयार करने की योजना है। FMDA के चीफ इंजीनियर प्रवीण चौधरी के मुताबिक, एक ही रूट पर दो परियोजनाओं के कारण तकनीकी चुनौती सामने आई है।
बैठक में इस पर चर्चा की गई है कि हनुमान मंदिर से बाटा चौक तक दोनों परियोजनाओं को एक ही पिलर पर विकसित किया जाए। योजना के मुताबिक नीचे वाहनों के लिए एलिवेटेड रोड और ऊपर नमो भारत रेल का कॉरिडोर होगा।
पहले सामने आ चुकी है अलाइनमेंट की चुनौती
ईस्ट-वेस्ट एलिवेटेड रोड और नमो भारत के प्रस्तावित रूट के बीच अलाइनमेंट को लेकर पहले भी चर्चा सामने आ चुकी है। अप्रैल 2026 की रिपोर्टों में बताया गया था कि दोनों परियोजनाओं के रूट के एक-दूसरे से मिलते-जुलते होने के कारण इंजीनियरिंग और डिजाइन से जुड़ी चुनौतियां सामने आई थीं।
ऐसे में डबल डेकर संरचना का प्रस्ताव दोनों परियोजनाओं के लिए उपलब्ध जगह का संयुक्त इस्तेमाल करने की दिशा में एक समाधान के रूप में सामने आया है।
रैपिड रेल परियोजना पर भी नजर
गुरुग्राम-फरीदाबाद-नोएडा क्षेत्र में नमो भारत कनेक्टिविटी को लेकर भी सरकार की योजना आगे बढ़ रही है। हरियाणा सरकार की एक आधिकारिक विज्ञप्ति में दिल्ली-गुरुग्राम-फरीदाबाद-नोएडा RRTS/नमो भारत कॉरिडोर को फरीदाबाद की क्षेत्रीय कनेक्टिविटी के लिए महत्वपूर्ण परियोजना बताया गया है।
फिलहाल ईस्ट-वेस्ट एलिवेटेड रोड और नमो भारत के साझा कॉरिडोर को लेकर अंतिम डिजाइन, टेंडर और निर्माण प्रक्रिया के अगले चरणों पर नजर रहेगी। परियोजना जमीन पर उतरने के बाद ग्रेटर फरीदाबाद, एनआईटी और गुरुग्राम के बीच आवागमन के विकल्प बढ़ सकते हैं।
