
JPSC-JSSC में कथित अनियमितताओं के खिलाफ झारखंड में छात्रों का आंदोलन तेज हो गया है। विधानसभा घेराव के लिए जुटे हजारों छात्रों के बीच केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने प्रदर्शनकारियों की सराहना की, लेकिन विपक्षी दलों पर तीखे राजनीतिक आरोप लगाते हुए JMM से CBI जांच की मांग की।
विधानसभा घेराव के लिए जुटे हजारों छात्र
झारखंड में JPSC-JSSC से जुड़ी कथित अनियमितताओं के विरोध में सोमवार को हजारों छात्रों ने विधानसभा घेराव मार्च निकाला। प्रदर्शनकारी छात्र भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों और पारदर्शिता को लेकर सवाल उठा रहे हैं। आंदोलन के दौरान छात्रों ने अपनी मांगों को सरकार तक पहुंचाने की कोशिश की।
गिरिराज सिंह ने छात्रों को दिया धन्यवाद
केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने छात्रों के प्रदर्शन को लोकतांत्रिक तरीके से किया जा रहा विरोध बताया। उन्होंने कहा कि छात्र लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रख रहे हैं और इसके लिए उन्हें धन्यवाद दिया जाना चाहिए।
हालांकि, इसके बाद उनका बयान राजनीतिक हमले में बदल गया। उन्होंने कांग्रेस, समाजवादी पार्टी और वाम दलों से जुड़े नेताओं पर निशाना साधते हुए विपक्षी राजनीति को लेकर तीखी टिप्पणी की।

JMM से पूछा- CBI जांच क्यों नहीं?
छात्रों की मांगों पर प्रतिक्रिया देते हुए गिरिराज सिंह ने झारखंड की सत्तारूढ़ झारखंड मुक्ति मोर्चा सरकार पर सवाल उठाया। उन्होंने पूछा कि अगर परीक्षा और भर्ती प्रक्रिया को लेकर आरोप हैं तो JMM इसकी CBI जांच क्यों नहीं कराती?
उन्होंने यह भी दावा किया कि जिन लोगों ने इस्तीफा दिया है, उनमें से एक पार्टी के नेता की रिश्तेदार है। हालांकि, इन राजनीतिक दावों की पुष्टि स्वतंत्र रूप से इस रिपोर्ट के आधार पर नहीं की जा सकती।
वैदिक मंत्र और गजवा-ए-हिंद पर भी टिप्पणी
गिरिराज सिंह ने बातचीत के दौरान कांग्रेस की एक नेता और असदुद्दीन ओवैसी का नाम लेते हुए IIT में वैदिक मंत्रों को लेकर कथित आपत्ति का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि भारत में वैदिक मंत्र नहीं होंगे तो कहां होंगे।
इसी दौरान उन्होंने कहा कि भारत में ‘गजवा-ए-हिंद’ नहीं होने देंगे। उनका यह बयान भी राजनीतिक बहस का हिस्सा बन सकता है।
राहुल गांधी पर भी साधा निशाना
गृह मंत्री अमित शाह को लेकर राहुल गांधी के बयान पर भी गिरिराज सिंह ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि जब सदन में राहुल गांधी की जरूरत होती है, तब वह सदन में आते हैं और रहते हैं। साथ ही उन्होंने कहा कि राहुल गांधी लोकसभा अध्यक्ष नहीं हैं।
आंदोलन से आगे बड़ी राजनीतिक लड़ाई
JPSC-JSSC विवाद अब सिर्फ छात्रों की परीक्षा और भर्ती संबंधी मांगों तक सीमित नहीं दिख रहा। छात्रों का आंदोलन जहां सरकार पर पारदर्शिता और जवाबदेही का दबाव बना रहा है, वहीं राजनीतिक दल इसे एक-दूसरे पर निशाना साधने के लिए इस्तेमाल कर रहे हैं।
फिलहाल छात्रों की निगाह सरकार की अगली कार्रवाई पर है। आंदोलन की असली दिशा इस बात से तय होगी कि उनकी मांगों पर सरकार क्या कदम उठाती है और कथित अनियमितताओं की जांच किस एजेंसी से कराई जाती है।
