
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में करीब 12 घंटे तक हुई लगातार बारिश ने शहर की रफ्तार रोक दी है। निचले इलाकों में सड़कें और गलियां जलमग्न हैं, कई घरों में पानी घुस गया है और प्रशासन ने सुरक्षा को देखते हुए स्कूलों में छुट्टी घोषित कर दी है।
12 घंटे की बारिश ने बिगाड़े हालात
भोपाल में सोमवार को लगातार बारिश के बाद कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई। खासकर निचले क्षेत्रों में पानी तेजी से जमा हुआ। सड़कों और गलियों में पानी भरने से लोगों को आवाजाही में परेशानी का सामना करना पड़ा। शहर में पहले से जारी भारी बारिश की चेतावनी के बीच हालात और चुनौतीपूर्ण हो गए हैं।
निशातपुरा में कमर तक पानी
निशातपुरा क्षेत्र के शिव नगर और गीता नगर में जलभराव की स्थिति सबसे गंभीर बताई जा रही है। कई स्थानों पर कमर तक पानी भरने की जानकारी सामने आई है। बारिश का पानी घरों में घुसने से लोगों की परेशानी बढ़ गई है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि नालों का पानी भी घरों में पहुंच रहा है, जिससे घरेलू सामान और जरूरी वस्तुओं के खराब होने का खतरा बढ़ गया है।
स्कूलों में छुट्टी का फैसला
लगातार बारिश और जलभराव को देखते हुए भोपाल कलेक्टर ने जिले के सभी सरकारी, निजी और अनुदान प्राप्त स्कूलों में नर्सरी से 12वीं तक के विद्यार्थियों के लिए अवकाश घोषित किया है। यह फैसला MPBSE, CBSE, ICSE और अन्य बोर्ड से जुड़े स्कूलों पर भी लागू किया गया है।

प्रशासन का यह कदम बच्चों को जलभराव वाले रास्तों और खराब मौसम के बीच आवागमन से बचाने के लिहाज से लिया गया है।
पहले ही जारी हो चुका था अलर्ट
मौसम विभाग ने भोपाल समेत मध्य प्रदेश के कई जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की थी। सक्रिय मौसम प्रणाली और लो प्रेशर एरिया के प्रभाव से बारिश की गतिविधियां बढ़ने का अनुमान जताया गया था। रायसेन, भोपाल, राजगढ़, शाजापुर, आगर मालवा, सीहोर, देवास, इंदौर, उज्जैन, मंदसौर और रतलाम जैसे क्षेत्रों में भी तेज बारिश की संभावना बताई गई थी।
जलभराव से लोगों की बढ़ी मुश्किल
निचले इलाकों में पानी भरने के कारण लोगों को घरों से निकलने में परेशानी हो रही है। जलनिकासी व्यवस्था पर भी सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से प्रभावित क्षेत्रों से जल्द पानी निकालने और राहत व्यवस्था मजबूत करने की मांग की है।
भारी बारिश के दौरान नदी-नालों और पुलों के पास जाने से बचने की सलाह भी दी गई है। बिजली चमकने के दौरान खुले स्थान पर न रुकने और फिसलन वाली सड़कों पर वाहन चलाते समय सावधानी बरतने की जरूरत है।
अगले घंटों में भी सतर्क रहने की जरूरत
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक मध्य प्रदेश में बारिश का दौर आगे भी जारी रह सकता है। ऐसे में निचले इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए विशेष सतर्कता जरूरी है। प्रशासन के लिए अब सबसे बड़ी चुनौती जलनिकासी, यातायात और प्रभावित परिवारों तक राहत पहुंचाने की है।
भोपाल में बारिश ने एक बार फिर शहर की जलनिकासी व्यवस्था की परीक्षा ले ली है। बारिश रुकने के बाद भी असली चुनौती पानी की सुरक्षित निकासी और प्रभावित परिवारों को राहत देने की होगी। फिलहाल लोगों के लिए सबसे जरूरी संदेश यही है—बिना जरूरत घर से न निकलें और प्रशासन की चेतावनियों को नजरअंदाज न करें।
