राज्यराजनीति

सीतापुर में वीडियो गेम खेलने को लेकर बच्चों की कहासुनी खूनी हुई, पिता-पुत्र गिरफ्तार

सीतापुर में बच्चों के बीच वीडियो गेम खेलने को लेकर शुरू हुई मामूली कहासुनी कुछ ही देर में हिंसक विवाद में बदल गई। आरोप है कि नुकीली चीज से किए गए हमले में एक किशोर और युवक गंभीर घायल हुए। इलाज के लिए लखनऊ ले जाते समय किशोर ने दम तोड़ दिया।

बच्चों के विवाद से शुरू हुई बात

घटना रविवार रात करीब साढ़े 11 बजे शहर कोतवाली क्षेत्र के सरदार फार्म इलाके की बताई जा रही है। जानकारी के अनुसार, कुछ बच्चे वीडियो गेम खेल रहे थे। इसी दौरान किसी बात को लेकर उनके बीच कहासुनी हो गई। शुरुआत में मामला बच्चों तक सीमित था, लेकिन बाद में दोनों पक्षों के बड़े लोग भी इसमें शामिल हो गए।

मेडिकल स्टोर के पास आमने-सामने आए दोनों पक्ष

बताया जा रहा है कि विवाद बढ़ने के बाद दोनों पक्ष कमेला इलाके में इमरान मेडिकल स्टोर के पास आमने-सामने आ गए। यहां मोहम्मद दानिश और किशोर अयान का सलीम तथा उसके बेटे शोएब से विवाद हो गया। कुछ ही देर में कहासुनी ने मारपीट का रूप ले लिया और मौके पर अफरा-तफरी मच गई।

सीतापुर में वीडियो गेम खेलने को लेकर बच्चों की कहासुनी खूनी हुई, पिता-पुत्र गिरफ्तार

नुकीली चीज से हमले का आरोप

परिजनों और पुलिस के मुताबिक, मारपीट के दौरान सलीम और उसके बेटे शोएब पर दानिश और अयान पर किसी नुकीली चीज से हमला करने का आरोप है। हमले में दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए। आसपास के लोगों की मदद से परिजन उन्हें जिला अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां उनका इलाज शुरू किया गया।

लखनऊ ले जाते समय किशोर ने तोड़ा दम

अस्पताल में डॉक्टरों ने किशोर अयान की हालत गंभीर बताई और उसे तत्काल लखनऊ रेफर कर दिया। परिजन उसे लेकर लखनऊ जा रहे थे, लेकिन रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। किशोर की मौत की खबर मिलते ही परिवार में मातम छा गया। वहीं घायल मोहम्मद दानिश का जिला अस्पताल में उपचार जारी है।

पिता-पुत्र गिरफ्तार, जांच जारी

घटना की सूचना मिलते ही शहर कोतवाली पुलिस सक्रिय हुई। किशोर की मौत के बाद पुलिस ने सलीम और उसके बेटे शोएब को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस अब कथित हमले में इस्तेमाल नुकीली वस्तु की तलाश कर रही है और घटनास्थल से जुड़े साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं।

मामूली विवाद से हुई मौत ने उठाए सवाल

पुलिस दोनों पक्षों के बीच विवाद की पूरी वजह और घटनाक्रम की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है। शुरुआत वीडियो गेम को लेकर बच्चों की कहासुनी से हुई, लेकिन मामला इतना बढ़ गया कि एक किशोर की जान चली गई। यह घटना बताती है कि छोटी-सी कहासुनी भी यदि समय रहते नहीं रोकी जाए तो गंभीर हिंसा का रूप ले सकती है।

सीतापुर की यह घटना सिर्फ एक आपराधिक मामला नहीं, बल्कि गुस्से और हिंसा के खतरनाक परिणाम की तस्वीर भी है। बच्चों के मामूली विवाद को बड़ों तक पहुंचने से रोकना और समय रहते स्थिति संभालना कितना जरूरी है, इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल सामने ला दिया है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button