
भारत और जापान के रिश्ते एक नए दौर में प्रवेश करने जा रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निमंत्रण पर जापान की प्रधानमंत्री सनाए ताकइची अगले सप्ताह भारत आएंगी, जहां दोनों देशों के बीच रक्षा, व्यापार, निवेश और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र की रणनीति जैसे कई अहम मुद्दों पर व्यापक चर्चा होगी।
तीन दिवसीय भारत दौरे पर आएंगी सनाए ताकइची
जापान की प्रधानमंत्री सनाए ताकइची 1 से 3 जुलाई 2026 तक भारत के आधिकारिक दौरे पर रहेंगी। इस दौरान वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ 16वें भारत-जापान वार्षिक शिखर सम्मेलन की संयुक्त अध्यक्षता करेंगी। प्रधानमंत्री बनने के बाद यह उनका पहला आधिकारिक भारत दौरा होगा, जिसे दोनों देशों के रिश्तों के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
इंडो-पैसिफिक रणनीति पर रहेगी खास नजर
बदलते वैश्विक हालात और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में उभरती नई रणनीतिक चुनौतियों के बीच यह शिखर सम्मेलन काफी अहम माना जा रहा है। अमेरिका की इंडो-पैसिफिक नीति में संभावित बदलाव के संकेतों के बीच भारत और जापान क्षेत्रीय सुरक्षा, समुद्री सहयोग और नियम-आधारित अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था को मजबूत करने पर चर्चा कर सकते हैं।

रक्षा, निवेश और तकनीक पर होगा फोकस
विदेश मंत्रालय के अनुसार, बैठक में रक्षा सहयोग, संयुक्त सैन्य अभ्यास, आर्थिक साझेदारी, सेमीकंडक्टर, क्रिटिकल मिनरल्स, स्वच्छ ऊर्जा, बुलेट ट्रेन परियोजना, डिजिटल तकनीक और निवेश जैसे विषय प्रमुख रहेंगे। दोनों देश आर्थिक सुरक्षा और सप्लाई चेन को मजबूत बनाने के लिए भी नई रणनीति पर विचार करेंगे।
विशेष रणनीतिक साझेदारी को मिलेगी नई गति
भारत और जापान के संबंध वर्ष 2000 में वैश्विक साझेदारी से शुरू होकर 2014 में “विशेष रणनीतिक एवं वैश्विक साझेदारी” तक पहुंचे। दोनों देश लोकतांत्रिक मूल्यों, मुक्त और समावेशी इंडो-पैसिफिक तथा आर्थिक सहयोग के साझा विजन के तहत लगातार संबंधों को मजबूत कर रहे हैं।
68 अरब डॉलर निवेश योजना पर भी होगी समीक्षा
पिछले भारत-जापान शिखर सम्मेलन में अगले एक दशक में भारत में 68 अरब डॉलर के जापानी निवेश का लक्ष्य तय किया गया था। इस बार दोनों नेता उस रोडमैप की प्रगति की समीक्षा करेंगे। साथ ही आर्थिक साझेदारी, स्वास्थ्य, पर्यावरण, नवाचार, लोगों के बीच संपर्क और राज्यों के सहयोग जैसे आठ प्रमुख क्षेत्रों में आगे की कार्ययोजना पर भी चर्चा होने की संभावना है।
व्यापारिक प्रतिनिधिमंडल भी रहेगा साथ
प्रधानमंत्री सनाए ताकइची के साथ जापान का एक उच्चस्तरीय व्यापारिक प्रतिनिधिमंडल भी भारत आएगा। इससे दोनों देशों के उद्योग जगत के बीच नए निवेश और व्यापारिक अवसरों पर बातचीत को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह दौरा भारत-जापान संबंधों को नई रणनीतिक ऊंचाई देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
