
हरियाणा के ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने स्पष्ट कहा है कि किसी भी कर्मचारी की जिंदगी का मूल्य मुआवजे से कहीं अधिक है। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल आर्थिक सहायता देना नहीं, बल्कि बिजली विभाग के कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। यह बयान ऑल हरियाणा पावर कॉरपोरेशंस वर्कर्स यूनियन के पदाधिकारियों के साथ हुई एक महत्वपूर्ण बैठक के दौरान दिया गया।
ट्रांसफर नीति में बदलाव और कर्मचारियों की समस्याओं पर चर्चा
बैठक में ऑनलाइन ट्रांसफर नीति को लेकर भी विस्तार से चर्चा हुई। मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा गठित 11 सदस्यीय समिति को यूनियन के सुझाव भेजे जाएंगे, ताकि कर्मचारियों को व्यवहारिक समस्याओं से राहत मिल सके। इसके अलावा अस्थायी स्थानांतरण और रिक्त पदों पर नियुक्ति से जुड़ी समस्याओं पर भी सकारात्मक समाधान निकालने के निर्देश दिए गए हैं।

पदोन्नति और लंबित मामलों के निपटारे पर सख्त निर्देश
अनिल विज ने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए कि किसी भी कर्मचारी को पदोन्नति में अनावश्यक बाधा का सामना नहीं करना चाहिए। उन्होंने कहा कि उत्तर हरियाणा और दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगमों में समान नियमों के आधार पर पदोन्नति सुनिश्चित की जाए। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि सभी लंबित मामलों को तय समय सीमा में निपटाया जाए और वे स्वयं इन फाइलों की निगरानी करेंगे।
बिजली चोरी और सिस्टम सुधार पर सख्त रुख
बैठक में बिजली चोरी रोकने और सिस्टम को मजबूत बनाने पर भी जोर दिया गया। मंत्री ने निर्देश दिए कि जो उपभोक्ता दो फीडरों से अवैध रूप से बिजली ले रहे हैं, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। साथ ही रिस्क भत्ता देने की मांग पर अन्य राज्यों और विभागों की नीतियों का अध्ययन कर विस्तृत रिपोर्ट तैयार करने को कहा गया, ताकि भविष्य में कर्मचारियों के हित में उचित निर्णय लिया जा सके।
