हरियाणा विधानसभा के पहले दिन भारी हंगामा, स्पीकर ने कांग्रेस के छह विधायकों को किया सस्पेंड

हरियाणा विधानसभा के मानसून सत्र की शुरुआत गुरुवार को जोरदार हंगामे के साथ हुई। कांग्रेस विधायक काले कपड़े पहनकर सदन पहुंचे और सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। सदन में नारेबाजी और विरोध के बाद विधानसभा अध्यक्ष ने छह कांग्रेस विधायकों को दिनभर की कार्यवाही से निलंबित कर दिया।
पहले दिन ही सदन में मचा बवाल
हरियाणा विधानसभा के मानसून सत्र के पहले दिन गुरुवार को सदन का माहौल काफी गर्म रहा। कांग्रेस विधायकों के विरोध और नारेबाजी के बीच विधानसभा अध्यक्ष हरविंदर कल्याण ने छह विधायकों को आज की कार्यवाही से सस्पेंड कर दिया।
निलंबित किए गए विधायकों में इंदुराज नरवाल, बलराम दांगी, आदित्य सुरजेवाला, गोकुल सेतिया, विकास साहरण और शकुंतला खटक शामिल हैं।
स्पीकर ने बताया अशोभनीय आचरण
विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि इन सदस्यों का सदन में आचरण अशोभनीय रहा। संसदीय कार्य मंत्री की ओर से दुर्व्यवहार और अनुचित आचरण को लेकर शिकायत के बाद उनके खिलाफ निलंबन का प्रस्ताव लाया गया।

स्पीकर ने विधायकों को सदन से बाहर जाने का निर्देश दिया और स्पष्ट किया कि उन्हें आज की कार्यवाही से निलंबित किया गया है।
वेल में पहुंचकर कांग्रेस की नारेबाजी
निलंबन की कार्रवाई के बाद भी विरोध थमता नजर नहीं आया। कांग्रेस के कई विधायक स्पीकर की वेल में पहुंच गए और नारेबाजी करने लगे। इससे सदन के भीतर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तनाव और बढ़ गया।
विरोध के इस तरीके ने विधानसभा की शुरुआती कार्यवाही को राजनीतिक टकराव में बदल दिया।
काले कपड़ों में विधानसभा पहुंचे विधायक
सत्र शुरू होने से पहले ही कांग्रेस ने अपने तेवर साफ कर दिए थे। कांग्रेस विधायक हाई कोर्ट चौक से विधानसभा सचिवालय तक पैदल मार्च करते हुए पहुंचे। इस दौरान सरकार के खिलाफ नारे लगाए गए।
कई विधायक काले कपड़े पहने हुए थे और उनके हाथों में विभिन्न मुद्दों से जुड़े नारे लिखी तख्तियां थीं। नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा समेत कांग्रेस के कई विधायक इसी अंदाज में सदन पहुंचे।
इन मुद्दों पर सरकार को घेरा
कांग्रेस विधायकों ने विरोध प्रदर्शन के दौरान राम मंदिर में चंदा चोरी, दिल्ली में छात्रों पर लाठीचार्ज और शिक्षा व्यवस्था की कथित खामियों जैसे मुद्दे उठाए। इसके अलावा हरियाणा से जुड़े विभिन्न राजनीतिक और जनहित के सवालों को लेकर भी सरकार पर निशाना साधा गया।
विपक्ष ने संकेत दिया कि विधानसभा सत्र के दौरान इन मुद्दों को जोर-शोर से उठाया जाएगा।
आगे और बढ़ सकता है टकराव
सत्र के पहले ही दिन छह विधायकों के निलंबन से साफ है कि आने वाले दिनों में सरकार और विपक्ष के बीच टकराव देखने को मिल सकता है। विधानसभा के भीतर विरोध, नारेबाजी और मुद्दों की राजनीति अब सत्र की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएगी।
पहले दिन का हंगामा केवल शुरुआत है। अब नजर इस बात पर है कि क्या सदन में जनहित के मुद्दों पर सार्थक बहस होगी या राजनीतिक टकराव ही पूरे सत्र पर भारी पड़ेगा।
