लोहा मंडी और एसएसजीटी रोड पर चला बुलडोजर, यूपीसीडा ने हटाए 1000 से ज्यादा अवैध अतिक्रमण

लोहा मंडी और एसएसजीटी रोड औद्योगिक क्षेत्र में अतिक्रमण सिर्फ यातायात की परेशानी नहीं रह गया था। गंदगी, नाले चोक होने और असामाजिक तत्वों के जमावड़े की शिकायतों के बीच महिला कामगारों की सुरक्षा का मुद्दा भी गंभीर होता गया, जिसके बाद यूपीसीडा ने बड़ा अभियान चलाया।
लंबे समय से मिल रही थीं शिकायतें
लोहा मंडी और एसएसजीटी रोड औद्योगिक क्षेत्र में सड़क किनारे बढ़ते अतिक्रमण को लेकर औद्योगिक संगठनों ने कई बार चिंता जताई थी। उद्योग बंधु की बैठकों में जाम, गंदगी और आपराधिक गतिविधियों की शिकायतें लगातार सामने आती रही थीं।
खासकर शाम के समय फैक्ट्रियों से काम खत्म करके लौटने वाले कर्मचारियों को परेशानी का सामना करना पड़ता था।
यूपीसीडा ने चलाया बुलडोजर
बुधवार को यूपीसीडा की टीम ने उप महाप्रबंधक सलिल यादव के नेतृत्व में दोनों औद्योगिक क्षेत्रों में अभियान चलाया। टीम ने बुलडोजर की मदद से एक हजार से अधिक अवैध खोखे, झुग्गियां और ठेलियां हटाईं।
कार्रवाई के दौरान कुछ अतिक्रमणकारियों ने विरोध भी किया, लेकिन टीम ने अभियान जारी रखा। लंबे समय से सड़क किनारे बने अस्थायी ढांचों को हटाने के बाद रास्तों को व्यवस्थित करने की कोशिश की गई।

महिला कामगारों की सुरक्षा का मुद्दा
अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के पीछे केवल यातायात और सफाई का सवाल नहीं था। औद्योगिक क्षेत्र में काम करने वाली महिला कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर भी शिकायतें सामने आई थीं।
तीन दिन पहले एक महिला कामगार के साथ आमलेट के खोखे के पास कथित छेड़खानी की घटना के बाद हंगामा हुआ था। मौके पर पुलिस भी पहुंची थी। इसके बाद औद्योगिक संगठनों की चिंता और बढ़ गई।
खोखे बने गंदगी और जमावड़े की वजह
सड़क किनारे लगे खान-पान के खोखे और ठेलियों के आसपास अक्सर लोगों की भीड़ जमा रहती थी। खाना खाने के बाद दोना-पत्तल, पालिथीन और अन्य कचरा नालियों में फेंक दिया जाता था।
इससे नाले बार-बार चोक होने की शिकायत थी। बारिश के दौरान पानी सड़क पर भरने से यातायात भी प्रभावित होता था। यानी अतिक्रमण ने जाम और सफाई दोनों की समस्या को बढ़ा दिया था।
उद्योग क्षेत्र को बेहतर बनाने की कोशिश
औद्योगिक क्षेत्रों में बेहतर यातायात व्यवस्था के साथ साफ-सफाई और सुरक्षित माहौल भी जरूरी है। खासकर उन इलाकों में जहां बड़ी संख्या में कर्मचारी रोजाना आते-जाते हैं।
यूपीसीडा की यह कार्रवाई इसी दिशा में एक अहम कदम मानी जा रही है। हालांकि, अभियान का स्थायी असर तभी दिखाई देगा जब दोबारा अतिक्रमण न हो और नियमित निगरानी की व्यवस्था मजबूत रहे।
अब निगरानी की होगी असली परीक्षा
एक हजार से अधिक अवैध खोखे और झुग्गियां हटाना बड़ी कार्रवाई जरूर है, लेकिन चुनौती अब आगे की है। अगर खाली हुई जगहों पर फिर से अतिक्रमण शुरू हो गया तो जाम, गंदगी और सुरक्षा से जुड़ी पुरानी समस्याएं लौट सकती हैं।
औद्योगिक क्षेत्र सिर्फ फैक्ट्रियों का इलाका नहीं होता, बल्कि हजारों लोगों के रोजमर्रा के जीवन और रोजगार से जुड़ा स्थान होता है। इसलिए साफ सड़क, सुचारु यातायात और सुरक्षित माहौल बनाए रखना ही इस बुलडोजर कार्रवाई की असली सफलता होगी।
