दतिया में कथित बाबा पर डेढ़ करोड़ की ठगी का आरोप, ग्रामीणों ने एसपी कार्यालय पहुंचकर की शिकायत

दतिया के बड़िनिया गांव में आस्था से जुड़ा एक मामला अब गंभीर आरोपों और पुलिस शिकायत तक पहुंच गया है। ग्रामीणों ने गौरैया धाम सिद्ध बाबा स्थान के कथित बाबा और दो अन्य लोगों पर करीब डेढ़ करोड़ रुपये की ठगी का आरोप लगाया है, हालांकि आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही होगी।
12 साल से बाबा के रूप में रह रहा था राधेश्याम
ग्रामीणों के अनुसार राधेश्याम करीब 12 वर्षों से बड़िनिया गांव में बाबा के रूप में रह रहा था। हर गुरुवार मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं को वह भभूति देता और उनकी समस्याएं दूर करने का भरोसा दिलाता था।
समय के साथ लोगों का विश्वास बढ़ता गया। इसी भरोसे के बीच पैसों के लेन-देन की शुरुआत होने का आरोप ग्रामीणों ने लगाया है।
रकम दोगुनी करने का लगाया आरोप
शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि बाबा ने कुछ लोगों को रकम दोगुनी करने का लालच दिया। इसके लिए बैंक खातों में पैसे जमा कराने की बात कही गई। ग्रामीणों का दावा है कि धीरे-धीरे बड़ी संख्या में लोगों से रकम ली गई।

जब लोगों ने अपना पैसा वापस मांगना शुरू किया तो कथित तौर पर उन्हें डराने-धमकाने की कोशिश की गई। शिकायत में परिवार के साथ अनहोनी की धमकी दिए जाने का भी उल्लेख किया गया है।
जमीन के दस्तावेजों का भी जिक्र
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि बाबा जमीन से जुड़े दस्तावेज दिखाकर जमीन बेचने की बात भी करता था। शिकायत में कमल किशोर और संतोष बागला के नाम भी शामिल किए गए हैं।
ग्रामीणों का दावा है कि कमल किशोर लंबे समय से बाबा के संपर्क में था और जमीन से जुड़े कामकाज को देखता था। पुलिस अब इन आरोपों और कथित भूमिका की जांच करेगी।
आयोजनों से मजबूत हुआ भरोसा?
ग्रामीणों के मुताबिक वर्ष 2023 में बाबा की ओर से यज्ञ कराया गया था। इसके बाद नवंबर 2025 से जनवरी 2026 के बीच दतिया से खाटूश्याम तक पदयात्रा भी निकाली गई।
शिकायतकर्ताओं का कहना है कि ऐसे धार्मिक आयोजनों से बाबा की सामाजिक पहचान और लोगों का भरोसा मजबूत हुआ। पदयात्रा की शुरुआत तत्कालीन जिला प्रशासन की मौजूदगी में होने की बात भी ग्रामीणों ने कही है।
एसपी कार्यालय पहुंचे ग्रामीण
मंगलवार को बड़ी संख्या में ग्रामीण पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचे और लिखित शिकायत देकर FIR दर्ज करने की मांग की। उन्होंने पुलिस को बैंक लेन-देन से जुड़ी जानकारी, नकद रकम और जमीन के दस्तावेज भी सौंपे।
ग्रामीणों ने कथित तौर पर ठगी गई रकम वापस दिलाने और मामले में शामिल लोगों पर कार्रवाई की मांग की है।
दस्तावेजों की जांच के बाद आगे की कार्रवाई
पुलिस ने शिकायत के साथ मिले दस्तावेजों और आरोपों की जांच करने की बात कही है। बैंक खातों में हुए लेन-देन, जमीन से जुड़े कागजात और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों की पड़ताल की जाएगी।
फिलहाल मामले में लगाए गए आरोप जांच के दायरे में हैं। सच्चाई सामने लाने के लिए दस्तावेजी साक्ष्यों और संबंधित लोगों के बयानों की जांच महत्वपूर्ण होगी।
आस्था और विश्वास से जुड़े मामलों में पारदर्शिता सबसे जरूरी होती है। दतिया की यह शिकायत भी यही सवाल उठाती है कि किसी व्यक्ति पर भरोसा करने से पहले आर्थिक लेन-देन में सावधानी क्यों जरूरी है। अब पुलिस जांच से तय होगा कि आरोपों के पीछे वास्तविकता क्या है।
