पंजाब में सड़कों की गुणवत्ता पर घमासान, मंत्री हरभजन सिंह ईटीओ ने वायरल वीडियो को बताया फर्जी

पंजाब में सड़क निर्माण की गुणवत्ता को लेकर सियासी बहस तेज हो गई है। लोक निर्माण मंत्री हरभजन सिंह ईटीओ ने बठिंडा जिले में निर्माणाधीन और नई सड़कों का निरीक्षण कर वायरल वीडियो को फर्जी बताया। साथ ही उन्होंने साफ किया कि गुणवत्ता में कमी मिली तो ठेकेदार पर सख्त कार्रवाई होगी।
मंत्री ने मौके पर जाकर किया निरीक्षण
लोक निर्माण मंत्री हरभजन सिंह ईटीओ ने रविवार को जिले में कई सड़कों का जायजा लिया। उन्होंने माईसरखाना से तित्तरसर साहिब और कोटभारा से रामगढ़ भूंदड़ तक बनी सड़कों का निरीक्षण किया।
इस दौरान अधिकारियों की टीम भी मौजूद रही। मंत्री ने सड़क निर्माण की गुणवत्ता और इस्तेमाल की गई सामग्री से जुड़े पहलुओं की जानकारी ली।
वायरल वीडियो को बताया फर्जी
सोशल मीडिया पर एक वीडियो प्रसारित हो रहा था, जिसमें सड़क को कथित तौर पर हाथों से टूटते हुए दिखाया गया था। मंत्री ने इस वीडियो को फर्जी बताते हुए विपक्ष पर निशाना साधा।
हरभजन सिंह ईटीओ ने आरोप लगाया कि विरोधी दल सरकार के खिलाफ लोगों को गुमराह करने के लिए भ्रामक प्रचार कर रहे हैं। उनके मुताबिक, सड़क की वास्तविक स्थिति मौके पर जाकर देखी जानी चाहिए।

45 हजार किलोमीटर सड़कों का दावा
मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में पंजाब में करीब 45 हजार किलोमीटर सड़कों के निर्माण और नवीनीकरण का काम चल रहा है।
इसमें ग्रामीण क्षेत्रों की संपर्क सड़कों को बेहतर और उन्नत बनाने की योजनाएं भी शामिल हैं। उन्होंने कहा कि जनता से मिले कर के पैसे का इस्तेमाल निर्धारित मानकों के अनुसार किया जा रहा है।
सड़क का नमूना लेकर जांच
कोटभारा-रामगढ़ भूंदड़ सड़क के निरीक्षण के दौरान गुणवत्ता नियंत्रण केंद्र पटियाला की टीम ने सड़क का नमूना लिया। मंत्री के अनुसार प्रारंभिक जांच में सड़क निर्धारित मानकों के अनुरूप पाई गई।
हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि विस्तृत जांच में यदि कोई कमी सामने आती है तो संबंधित ठेकेदार के खिलाफ नियमों के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
विपक्ष को मंत्री की चुनौती
हरभजन सिंह ईटीओ ने बताया कि बठिंडा की सड़क से जुड़ा वीडियो सामने आने के बाद उन्होंने सांसद हरसिमरत कौर बादल और बिक्रम मजीठिया को मौके पर आकर सड़क देखने की चुनौती दी थी।
मंत्री का दावा है कि रविवार को निरीक्षण के दौरान दोनों नेता मौके पर नहीं पहुंचे। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष के पास सरकार के खिलाफ ठोस मुद्दे नहीं हैं, इसलिए सड़क की गुणवत्ता को लेकर भ्रम फैलाया जा रहा है।
गुणवत्ता से समझौता नहीं होगा
मंत्री ने अधिकारियों को निर्माण कार्यों की नियमित निगरानी करने और निर्धारित गुणवत्ता मानकों का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सरकार सड़क निर्माण की गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं करेगी।
अगर जांच में किसी सड़क में खामी सामने आती है तो जिम्मेदार ठेकेदार पर कार्रवाई की जाएगी।
पंजाब में सड़क निर्माण को लेकर सामने आया विवाद अब सियासी आरोप-प्रत्यारोप का रूप ले चुका है। मंत्री ने जहां वायरल वीडियो को फर्जी बताया है, वहीं सड़क के नमूने की जांच भी कराई गई है। ऐसे में अंतिम तस्वीर विस्तृत गुणवत्ता जांच की रिपोर्ट सामने आने के बाद ही साफ होगी।
