राहुल-प्रियंका पर FIR को लेकर ओम प्रकाश राजभर बोले- कार्रवाई बिल्कुल सही

दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ INDIA ब्लॉक के विरोध प्रदर्शन के दौरान आकाशवाणी भवन परिसर में धरना देने के मामले में कांग्रेस नेताओं राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा समेत अन्य के खिलाफ दिल्ली पुलिस ने FIR दर्ज की है। इस कार्रवाई पर उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के प्रमुख ओम प्रकाश राजभर ने पुलिस का समर्थन किया है।
आकाशवाणी भवन में धरने के बाद दर्ज हुआ केस
6 अक्टूबर को INDIA ब्लॉक के सांसदों ने संसद से निर्वाचन सदन तक मार्च का ऐलान किया था। प्रदर्शनकारी CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर सवाल उठा रहे थे।
पुलिस ने मार्च को आगे बढ़ने से रोक दिया। इसके बाद राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और अन्य विपक्षी नेताओं ने आकाशवाणी भवन परिसर में धरना शुरू कर दिया। पुलिस के मुताबिक, प्रदर्शनकारियों को परिसर खाली करने के लिए कहा गया, लेकिन वे वहां से नहीं हटे। बाद में राहुल गांधी, प्रियंका गांधी समेत करीब 260 लोगों को हिरासत में लिया गया।
दिल्ली पुलिस ने बिना अनुमति प्रवेश का लगाया आरोप
दिल्ली पुलिस के मुताबिक, आकाशवाणी भवन में प्रवेश के लिए अनुमति नहीं ली गई थी। पुलिस को मिली शिकायत के आधार पर राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, उनके समर्थकों और अन्य सांसदों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया।
पुलिस ने कहा है कि मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। FIR में किन-किन धाराओं का इस्तेमाल किया गया है, इसकी पूरी जानकारी तत्काल उपलब्ध नहीं थी।
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ओम प्रकाश राजभर ने कार्रवाई को बताया सही
उत्तर प्रदेश के मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने दिल्ली पुलिस की कार्रवाई का समर्थन किया। उन्होंने राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के आकाशवाणी भवन में धरने को गलत बताते हुए कहा कि यदि कोई व्यक्ति बिना अनुमति सरकारी संस्था में प्रवेश करता है और वहां प्रदर्शन करता है तो पुलिस की ओर से मुकदमा दर्ज करना उचित है।
राजभर के मुताबिक, सरकारी परिसर में नियमों का उल्लंघन होने पर पुलिस कार्रवाई और गिरफ्तारी जैसी कानूनी प्रक्रिया हो सकती है। उनका यह बयान FIR के बाद सामने आया है।
प्रदर्शन में अखिलेश यादव समेत कई नेता हुए थे शामिल
इस प्रदर्शन में कांग्रेस के अलावा समाजवादी पार्टी समेत INDIA ब्लॉक के कई दलों के सांसद शामिल हुए थे। अखिलेश यादव भी मार्च में मौजूद थे और उन्हें पुलिस ने हिरासत में लिया था। प्रदर्शनकारी चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और SIR को लेकर अपनी आपत्तियां दर्ज करा रहे थे।
राहुल गांधी और प्रियंका गांधी देर शाम हिरासत में लिए गए नेताओं में शामिल थे। बाद में उन्हें रिहा कर दिया गया।
SIR और CEC के इस्तीफे को लेकर सियासत तेज
INDIA ब्लॉक के नेता SIR के जरिए मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। दूसरी ओर, बीजेपी और दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शन के तरीके और बिना अनुमति मार्च को लेकर सवाल उठाए हैं।
आकाशवाणी भवन में प्रवेश को लेकर दर्ज FIR ने इस राजनीतिक विवाद को और तेज कर दिया है। अब मामले में पुलिस की जांच और आगे की कानूनी कार्रवाई पर नजर रहेगी।
