
दिल्ली में SIR के मुद्दे पर INDIA ब्लॉक के सांसद एकजुट होकर मार्च कर रहे हैं, लेकिन बिहार विधान परिषद चुनाव में इसी गठबंधन के घटक दल अलग-अलग सीटों पर एक-दूसरे के खिलाफ मैदान में हैं। RJD, कांग्रेस और वाम दलों के बीच सीटों पर सहमति नहीं बन सकी है। इसे लेकर बीजेपी ने विपक्षी एकता पर सवाल उठाए हैं।
दिल्ली में साथ, बिहार में अलग-अलग उम्मीदवार
बिहार विधान परिषद की आठ सीटों के लिए 23 अक्टूबर को चुनाव होना है। इनमें चार शिक्षक और चार स्नातक निर्वाचन क्षेत्र शामिल हैं। नामांकन प्रक्रिया के दौरान महागठबंधन के घटक दलों के बीच सीटों को लेकर तालमेल नहीं बन पाया।
RJD ने कई सीटों पर पहले ही उम्मीदवार उतार दिए थे। इसके बाद कांग्रेस ने भी पांच सीटों के लिए प्रत्याशियों का ऐलान किया। नतीजा यह हुआ कि दोनों सहयोगी दल कई निर्वाचन क्षेत्रों में सीधे आमने-सामने आ गए।
छह से सात सीटों तक पहुंचा आपसी मुकाबला
शुरुआत में RJD और कांग्रेस के बीच चार सीटों पर सीधी टक्कर की स्थिति बनी थी। बाद में RJD ने दरभंगा शिक्षक सीट से कुंवर राय को उतार दिया, जहां कांग्रेस के मौजूदा MLC और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष मदन मोहन झा उम्मीदवार हैं। इसके बाद महागठबंधन के भीतर मुकाबला और बढ़ गया।
ताजा रिपोर्टों के मुताबिक RJD, कांग्रेस और वाम दलों के उम्मीदवार करीब छह से सात सीटों पर अलग-अलग तरीके से एक-दूसरे के सामने हैं। दरभंगा शिक्षक सीट पर RJD और कांग्रेस के साथ CPI का उम्मीदवार भी मैदान में है।

इन सीटों पर RJD-कांग्रेस की सीधी लड़ाई
RJD और कांग्रेस के बीच प्रमुख मुकाबलों में पटना स्नातक, दरभंगा स्नातक और कोसी स्नातक सीट शामिल हैं। पटना स्नातक में RJD के दिलीप कुमार के सामने कांग्रेस के असदुल्लाह खान हैं। दरभंगा स्नातक में RJD के अनिल कुमार झा और कांग्रेस के रजनीकांत पाठक आमने-सामने हैं।
कोसी स्नातक में RJD के नितेश कुमार और कांग्रेस के मनोज कुमार जायसवाल के बीच मुकाबला है। पटना शिक्षक सीट पर भी RJD के संजीव कुमार सिंह और कांग्रेस के संजय यादव मैदान में हैं।
बीजेपी ने INDIA ब्लॉक पर साधा निशाना
महागठबंधन के भीतर इस टकराव को लेकर बीजेपी नेता मृत्युंजय तिवारी ने विपक्षी एकता पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि दिल्ली में INDIA ब्लॉक के नेता एक साथ मार्च कर रहे हैं, जबकि बिहार में उनके घटक दल एक-दूसरे के खिलाफ चुनाव लड़ रहे हैं।
उन्होंने विपक्षी गठबंधन को लेकर तीखी टिप्पणी करते हुए इसे “ठगबंधन” बताया और SIR के मुद्दे पर भी विपक्ष पर निशाना साधा। बीजेपी का तर्क है कि चुनावी मैदान में सहयोगी दलों का आपस में मुकाबला उनकी एकजुटता पर सवाल खड़े करता है। ये बीजेपी नेता के राजनीतिक आरोप हैं।
RJD ने बीजेपी को दिया जवाब
RJD प्रवक्ता एजाज अहमद ने बीजेपी के आरोपों को खारिज किया। उनका कहना है कि दिल्ली में विपक्ष संवैधानिक और लोकतांत्रिक व्यवस्था से जुड़े मुद्दों को लेकर एकजुट होकर प्रदर्शन कर रहा है।
उन्होंने कहा कि महागठबंधन में अलग-अलग राजनीतिक दल हैं और उनके बीच चुनावी स्तर पर अलग-अलग रणनीतियां हो सकती हैं, लेकिन बड़े राजनीतिक और वैचारिक मुद्दों पर विपक्ष साथ है। साथ ही उन्होंने बीजेपी से अपने NDA गठबंधन के भीतर चल रहे मतभेदों पर भी जवाब देने को कहा।
NDA में अनंत सिंह-नीरज कुमार विवाद का जिक्र
एजाज अहमद ने NDA के भीतर जनता दल (यूनाइटेड) से जुड़े विवाद का भी मुद्दा उठाया। उन्होंने अनंत सिंह और JDU के उम्मीदवार नीरज कुमार के बीच सामने आए मतभेदों का जिक्र करते हुए बीजेपी से अपने गठबंधन की स्थिति देखने को कहा।
बिहार MLC चुनाव में यह अंदरूनी खींचतान सिर्फ महागठबंधन तक सीमित नहीं है। रिपोर्टों के मुताबिक JDU के भीतर भी अनंत सिंह और नीरज कुमार के बीच राजनीतिक मतभेद सामने आए हैं।
23 अक्टूबर को मतदान, 27 को आएगा परिणाम
बिहार विधान परिषद की आठ सीटों के लिए 6 अक्टूबर नामांकन की अंतिम तारीख है, जबकि 9 अक्टूबर तक नाम वापस लिए जा सकते हैं। 23 अक्टूबर को मतदान होगा और 27 अक्टूबर को मतगणना की जाएगी।
इस चुनाव में महागठबंधन के घटक दलों का अलग-अलग सीटों पर उतरना गठबंधन के भीतर सीट बंटवारे और आपसी तालमेल की चुनौती को सामने लाता है। हालांकि, इसे सीधे तौर पर गठबंधन टूटने का प्रमाण मानना जल्दबाजी होगी। असली तस्वीर चुनाव और उसके बाद की राजनीतिक रणनीति से और स्पष्ट होगी।
