
डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम को एक बार फिर 30 दिन की पैरोल दी गई है। वह रोहतक की सुनारिया जेल में साध्वियों से जुड़े रेप मामले में सजा काट रहा है। पैरोल मिलने के बाद उसे सुबह करीब 7 बजे कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच सिरसा स्थित डेरा आश्रम के लिए रवाना किया गया। यह इस साल उसकी दूसरी पैरोल है और अब तक वह कुल 16 बार पैरोल या फरलो का लाभ ले चुका है।
अब तक 406 दिन जेल से बाहर रहा राम रहीम
रिपोर्ट के अनुसार, राम रहीम अपनी 20 साल की सजा के दौरान अब तक कुल 3,193 दिनों में से 406 दिन जेल के बाहर बिता चुका है। यह आंकड़ा उसकी बार बार मिल रही अस्थायी रिहाई को लेकर चर्चा में है। जेल प्रशासन और कानून के तहत मिलने वाले प्रावधानों के आधार पर उसे समय समय पर पैरोल और फरलो दी जाती रही है। इस बार मिली 30 दिन की राहत ने एक बार फिर इस मामले को सुर्खियों में ला दिया है।

गंभीर मामलों में सजा और कानूनी स्थिति
गुरमीत राम रहीम को 2017 में दो महिला शिष्यों से रेप के मामले में सीबीआई की विशेष अदालत ने दोषी ठहराया था। इसके बाद उसे कई अन्य मामलों में भी सजा सुनाई गई। 2019 में पत्रकार रामचंद्र छत्रपति हत्याकांड में उसे उम्रकैद की सजा मिली थी। 2021 में डेरा मैनेजर रंजीत सिंह हत्याकांड में भी उसे दोषी पाया गया था। हालांकि 2024 और 2026 में हाईकोर्ट ने कुछ मामलों में उसे बरी कर दिया, जिससे उसकी कानूनी स्थिति और जटिल हो गई है।
पैरोल नियमों के तहत मिली अस्थायी रिहाई
इस बार की पैरोल के साथ ही उसने वर्ष 2026 के लिए निर्धारित 10 सप्ताह की पैरोल सीमा को पूरा कर लिया है। हरियाणा गुड कंडक्ट प्रिजनर्स टेम्पररी रिलीज एक्ट 2022 के अनुसार, किसी भी कैदी को साल में अधिकतम 10 सप्ताह की पैरोल दी जा सकती है। यह सुविधा दो हिस्सों में ली जा सकती है। इसके अलावा तीन सप्ताह की फरलो का भी प्रावधान है, जिसे एक साथ ही लिया जाता है। इस नियम के तहत राम रहीम को यह अस्थायी राहत दी गई है, जिसे लेकर फिर से सार्वजनिक बहस शुरू हो गई है।
