
Imran Pratapgarhi ने बकरीद और सड़कों पर नमाज को लेकर चल रही राजनीतिक बहस पर भारतीय जनता पार्टी को निशाने पर लिया है। कांग्रेस सांसद ने कहा कि बीजेपी बेवजह ऐसा नैरेटिव बना रही है जिससे समाज में तनाव पैदा हो। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि आखिर इस भीषण गर्मी में कौन सड़क पर नमाज पढ़ेगा। जुमे की नमाज दोपहर में होती है और इस तपती गर्मी में लोग खुले में नमाज पढ़ने नहीं जाते। इमरान प्रतापगढ़ी ने कहा कि सड़कों पर नमाज को लेकर जो बातें फैलाई जा रही हैं वह पूरी तरह झूठा नैरेटिव है। उन्होंने बीजेपी पर आरोप लगाया कि जनता के असली मुद्दों से ध्यान हटाने के लिए धार्मिक मुद्दों को उछाला जा रहा है। कांग्रेस सांसद ने कहा कि सरकार को यह बताना चाहिए कि विकास और रोजगार के मोर्चे पर क्या काम हुआ है। उनके बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में एक बार फिर धार्मिक और सामाजिक मुद्दों पर बहस तेज हो गई है।
पेट्रोल और डीजल की कीमतों पर मोदी सरकार को घेरा
इमरान प्रतापगढ़ी ने पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों को लेकर भी केंद्र सरकार पर जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि जब विभिन्न राज्यों में चुनाव चल रहे थे तब भी अंतरराष्ट्रीय संकट मौजूद था और होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर तनाव बना हुआ था लेकिन उस समय तेल की कीमतें नहीं बढ़ाई गईं। कांग्रेस सांसद ने आरोप लगाया कि जैसे ही चुनाव खत्म हुए सरकार ने पेट्रोल डीजल और गैस के दाम बढ़ाने शुरू कर दिए। उन्होंने दावा किया कि पिछले दो हफ्तों में ईंधन की कीमतों में करीब 10 रुपये तक की बढ़ोतरी हुई है। प्रतापगढ़ी ने कहा कि आम जनता पर लगातार आर्थिक बोझ डाला जा रहा है जबकि सरकार बड़े उद्योगपतियों को फायदा पहुंचाने में लगी हुई है। उन्होंने कहा कि महंगाई ने आम आदमी की कमर तोड़ दी है और सरकार के पास इसका कोई ठोस जवाब नहीं है। कांग्रेस सांसद ने यह भी कहा कि संसद की समिति की बैठक में भी पेट्रोलियम मंत्रालय की तरफ से संतोषजनक जवाब नहीं मिला।

संसद समिति की बैठक का जिक्र कर सरकार से पूछे सवाल
राज्यसभा सांसद ने कहा कि वह खुद संसदीय समिति के सदस्य हैं और हाल ही में हुई बैठक में तेल कीमतों को लेकर कई सवाल उठाए गए थे। उनके मुताबिक समिति के सदस्यों ने पूछा कि आखिर अंतरराष्ट्रीय बाजार में हालात सामान्य होने के बावजूद देश में लगातार कीमतें क्यों बढ़ रही हैं लेकिन मंत्रालय की तरफ से कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया गया। इमरान प्रतापगढ़ी ने आरोप लगाया कि जब कच्चे तेल की कीमतें कम थीं तब उसका लाभ आम जनता तक नहीं पहुंचाया गया बल्कि बड़े कारोबारी घरानों को फायदा पहुंचाया गया। अब जब अंतरराष्ट्रीय बाजार में थोड़ी परेशानी आई है तो उसका बोझ सीधे जनता पर डाला जा रहा है। उन्होंने कहा कि महंगाई की मार सबसे ज्यादा गरीब और मध्यम वर्ग पर पड़ रही है। कांग्रेस लगातार इस मुद्दे को संसद से सड़क तक उठाती रहेगी। उनके इस बयान के बाद विपक्ष और सरकार के बीच ईंधन कीमतों को लेकर टकराव और तेज होने के संकेत मिल रहे हैं।
SIR और घुसपैठ के मुद्दे पर भी बीजेपी को घेरा
इमरान प्रतापगढ़ी ने SIR और घुसपैठ के मुद्दे पर भी सरकार से सवाल पूछे। उन्होंने कहा कि बीजेपी केवल चुनावी भाषण देने का काम कर रही है लेकिन ठोस आंकड़े सामने नहीं रखती। कांग्रेस सांसद ने पूछा कि बिहार में SIR प्रक्रिया के बाद आखिर कितने घुसपैठियों की पहचान हुई इसका डेटा सरकार जनता के सामने क्यों नहीं रखती। उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी हर मुद्दे को राजनीतिक रंग देकर चुनावी फायदा उठाने की कोशिश करती है। प्रतापगढ़ी ने कहा कि देश को असली मुद्दों जैसे बेरोजगारी महंगाई शिक्षा और स्वास्थ्य पर चर्चा की जरूरत है लेकिन सरकार लोगों का ध्यान भटकाने के लिए धार्मिक और भावनात्मक मुद्दों को आगे कर रही है। उनके बयान ने राजनीतिक माहौल को और गर्म कर दिया है और आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर सियासी बयानबाजी और तेज हो सकती है।
