
महंगाई और भ्रष्टाचार के मुद्दे को लेकर इंडियन नेशनल लोकदल द्वारा सोमवार को जिला सचिवालय के बाहर बड़ा प्रदर्शन आयोजित किया गया। इनेलो विधायक अर्जुन चौटाला के नेतृत्व में सैकड़ों कार्यकर्ता जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपने पहुंचे थे। प्रदर्शन की शुरुआत शांतिपूर्ण तरीके से हुई लेकिन समय बीतने के साथ कार्यकर्ताओं में नाराजगी बढ़ने लगी। प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि जिला प्रशासन उनकी बात सुनने के बजाय उन्हें लगातार इंतजार करवाता रहा। इसी कारण माहौल धीरे-धीरे तनावपूर्ण हो गया और सचिवालय परिसर के बाहर राजनीतिक गर्मी बढ़ती चली गई। प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में पुलिस बल भी तैनात रहा ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति को नियंत्रित किया जा सके।
चार घंटे इंतजार के बाद भड़के विधायक अर्जुन चौटाला
प्रदर्शनकारियों के अनुसार वे दोपहर से ही जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपने के लिए मौजूद थे लेकिन करीब चार घंटे तक कोई अधिकारी उनसे मिलने नहीं पहुंचा। जब आखिरकार डीसी सचिन गुप्ता और प्रशासनिक अधिकारी गौरव राजपुरोहित ज्ञापन लेने के लिए सचिवालय के गेट पर पहुंचे तो माहौल अचानक गरमा गया। लंबे इंतजार से नाराज विधायक अर्जुन चौटाला ने अधिकारियों के सामने अपनी नाराजगी जाहिर की। इसी दौरान पुलिस अधीक्षक और विधायक के बीच तीखी बहस हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार विधायक ने एसपी को बीच में बोलने पर कड़ी आपत्ति जताई और कहा कि वह उनसे बात नहीं कर रहे हैं। इसके बाद उन्होंने डीसी को ज्ञापन सौंपा और नाराजगी जताते हुए वहां से चले गए। यह पूरा घटनाक्रम मौके पर मौजूद लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया।

सचिवालय के बाहर सड़क जाम और बढ़ा राजनीतिक विवाद
विवाद यहीं नहीं रुका। जब विधायक अर्जुन चौटाला दोबारा डीसी से मिलने के लिए आगे बढ़े तो पुलिस ने उन्हें रोक दिया। सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए महिला पुलिसकर्मियों की भी तैनाती की गई थी। प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि प्रशासन ने जानबूझकर उनकी आवाज दबाने का प्रयास किया। डीसी से मुलाकात नहीं होने पर इनेलो कार्यकर्ताओं का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने सचिवालय के बाहर सड़क जाम कर दी। कुछ समय के लिए यातायात भी प्रभावित हुआ। प्रदर्शनकारियों ने सरकार और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए कहा कि जनता के मुद्दों को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है। इस पूरे घटनाक्रम ने जिले की राजनीति को गरमा दिया और विपक्ष को सरकार पर हमला बोलने का नया मौका मिल गया।
आईपीएस एसोसिएशन ने जताई नाराजगी, बढ़ा सियासी घमासान
घटना के बाद हरियाणा आईपीएस एसोसिएशन ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी और विधायक के व्यवहार की कड़ी निंदा की। एसोसिएशन ने बयान जारी कर कहा कि जिला प्रशासन के अधिकारियों के साथ जिस तरह का व्यवहार किया गया वह अनुचित और दुर्भाग्यपूर्ण है। संगठन ने स्पष्ट किया कि वह प्रशासनिक अधिकारियों के साथ मजबूती से खड़ा है और उनका समर्थन करता है। एसोसिएशन का कहना है कि किसी भी जनप्रतिनिधि द्वारा बिना किसी उकसावे के अधिकारियों को डराने या दबाव बनाने का प्रयास लोकतांत्रिक मर्यादाओं के खिलाफ है। दूसरी ओर इनेलो नेताओं का कहना है कि प्रशासन ने उनकी लोकतांत्रिक आवाज को दबाने की कोशिश की। अब यह मामला केवल एक प्रदर्शन तक सीमित नहीं रह गया है बल्कि राजनीतिक बहस का बड़ा मुद्दा बन चुका है। आने वाले दिनों में इस विवाद को लेकर राजनीतिक बयानबाजी और तेज होने की संभावना जताई जा रही है।
